फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लीड की संसोधित खबर

विज्ञापन
विज्ञापन
लीड की संसोधित खबर
विज्ञापन

बेसमेंट में पार्किंग की जगह पर चल रहीं दुकानें, जिम्मेदार मौन
सड़क किनारे खड़े वाहन बनते हैं जाम का सबब
नगर के अधिकांश प्रतिष्ठानों में बेसमेंट में संचालित हो रही हैं दुकानें
अतिक्रमण को लेकर जारी है अभियान, इस तरफ प्रशासन का नहीं ध्यान
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे जिले में अवैध स्टैंड तथा अतिक्रमण को लेकर अभियान जारी है। लेकिन नगर में जाम की समस्या बनने वाले मुख्य समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान अब नहीं भी जा रहा है, वह है नगर के प्रतिष्ठानों के बेसमेंट में दुकानों का संचालन करना। कागजों पर इन प्रतिष्ठानों ने पार्किग दिखाई है लेकिन दुकानें चलती हैं। ऐसे में पार्किग स्थल न होने पर ग्राहक अपने वाहन सड़क किनारे करते हैं जो दिन भर जाम का सबब बनते हैं।
साढ़े तीन लाख से ज्यादा आबादी वाले नगर क्षेत्र में वाहन पार्किंग की सुविधा केवल कागजों पर है। दरअसल नगर के गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़ बाजार, रोडवेज, सदर चौक, सिंधी कॉलोनी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित अन्य जगहों पर बड़ी संख्या में कांपलेक्स व निजी मार्केट है। इनमें अधिकाशं ने कागजों पर तो अंडर ग्राउंड यानी बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दर्शाई है, लेकिन हकीकत में यहां दुकानें संचालित की जाती हैं। ऐसे में यहां आने वाले उपभोक्ता अपने वाहनों को सड़क किनारे ही पार्क करते हैं जो कि जाम का सबब बनते हैं। सबसे ज्यादा समस्या आजमगढ़ मोड़ से लेकर रोडवेज तक है। यहां सड़क के दोनों ओर दो पहिया-चार पहिया वाहनों के पार्क होने से चौड़ी सड़क भी संकरी नजर आती है। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम नौ बजे तक रुक -रुक जाम की समस्या बनती रहती है।
विज्ञापन

-------------------------------------------
कागजों पर नियम का पालन
मऊ। नियमों की बात करें तो कांपलेक्स, निजी मार्केट आदि व्यवसायिक भवनों में पार्किंग के लिए स्थल छोड़ना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। शहर में कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने वाहन पार्किंग के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग से बेसमेंट का मानचित्र पास कराया है। लेकिन, बेसमेंट में कांपलेक्स स्वामियों ने अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करा लिया है। पार्किंग नहीं होने से ग्राहकों को सड़क पर वाहन खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और नागरिकों को समस्या उत्पन्न हो रही है।
विज्ञापन

कोट
सिटी मजिस्ट्रेट त्रिभुवन का कहना है कि जल्द ही इसको लेकर भी अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियम को ताक पर रखकर बेसमेंट में दुकान संचालित करने वाले के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें