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Mau News: छह महीने में ही रिश्ते तोड़ने के लिए पहुंच रहे नवदपंती

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एसपी कार्यालय पर महिला ए​च्छिक ब्यूरो में आए मामले की सुनवाई करते सदस्य।स्रोत-स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मऊ। जिले में शादी का बंधन छह महीने भी नहीं टिक रहा। प्रेम विवाह करने वाले 80 फीसदी जोड़ों में विवाद सामने आ रहा है। पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परिवार परामर्श की बैठक में आ रही शिकायतें कुछ यही बयां कर रही हैं।
महिला थाने में रोज दो जबकि इस साल अब तक 150 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श की बैठक में तीन मामले आए, इसमें दो की शादी को महज एक साल से भी कम समय हुआ था। वहीं एक में सुख दुख में साथ निभाने की कसमें निभानी वाली पत्नी ने पति के दोनों किडनी फेल होते ही दामन छुड़ाने की मांग को लेकर आवेदन किया।
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परिवार परामर्श की सदस्य अर्चना उपाध्याय ने बताया कि रविवार सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में 83 मामलों की सुनवाई हुई, इसमें 21 मामलों का निस्तारण किया गया। सात मामले में आपसी गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। जबकि तीन मामलों में कोई समझौता न होने की स्थिति में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
अर्चना उपाध्याय ने बताया कि एक मामला आया, इसमें एक साल पहले खुशी से शादी करने वाली महिला ने पति से अलग रहने की मांग की। कारण उसके पति का दोनों किडनी फेल हो गए हैं।
उधर बीमार युवक ने बताया कि उसने पत्नी से शादी के लिए अपनों से बगावत की, लेकिन आज जब उसे पत्नी की जरूरत है तो वह उसका साथ छोड़ने की जिद कर रही है। सदस्यों ने युवती को बहुत समझाया गया लेकिन वो साथ रहने को तैयार नहीं है। ब्यूरो ने मजबूरी में फाईल बंद कर दी। दोनों को कोर्ट जाने की सलाह दी।
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उधर, महिला थाने के आंकड़ों पर गौर करें तो शादी का बंधन अब कुछ माह में टूटने लग रहा है, इसमें 80 फीसदी मामले प्रेम विवाह करने वाले हैं। इनके दांपत्य जीवन में कड़वाहट आते ही रिश्ते की डोर कमजोर हो रही है।
इस वर्ष ही जनवरी से अब तक 80 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं, इसमें 50 से अधिक मामले प्रेम विवाह करने वाले दंपती हैं।
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