दोहरीघाट। नेपाल से 3.40 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से सरयू नदी के जलस्तर में एकाएक 40 सेंटीमीटर की वृद्धि हो गई। सोमवार को 13 दिनों में दूसरी बार नदी का जलस्तर में वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से नगर सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बाढ़ आने के खतरों के मद्देनजर तटवर्ती इलाकों सहित कस्बा के ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
लोगों का कहना था कि जब-जब नदी घटती बढ़ती है तब-तब कहर बरपाती है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर सोमवार को 69.50 मीटर रहा। रविवार को नदी का जलस्तर 69.10 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 40 सेमी मीटर की वृद्धि हुई। नदी अब खतरे के बिंदु 69.90 मीटर से 40 सेमी ही कम है। जलस्तर में बढ़ोतरी से नगर के मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटि, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, शाही मस्जिद सहित विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों के जहां अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं बहादुरपुर, रामपुर धनौली, नई बाजार, नवली, सरया, पतनई, ठाकुरगांव, गोधनी बीवीपुर ताहिरपुर,जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, ठीकरहिया, रसूलपुर, सूरजपुर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों को धान की फसल के नष्ट होने की चिंता खाए जा रही है।
कोट
नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति नियंत्रण में है, हम जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। खतरे को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता,सिंचाई विभाग