उ.प्र.राजस्व संहिता की विभिन्न धाराओं में वादों के निस्तारण की स्थिति खराब होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित पीठासीन अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी दी।वहीं फैमिली कोर्ट से जारी आरसी वसूली में लापरवाही पर संबंधित अमीनो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश जारी किया।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी ने मंगलवार को कर करेत्तर राजस्व वसूली और अन्य राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक के दौरान की। फैमिली कोर्ट से जारी आरसी की वसूली में लापरवाही करने पर संबंधित अमीनो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिन अमीनो की फैमिली कोर्ट द्वारा जारी आरसी वसूली शून्य है, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश उन्होंने दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रामबाबू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आठ बड़े बकायदाओं से वसूली शून्य मिली
जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने कर करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जनवरी माह में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष व्यापार कर में 53.26 प्रतिशत,स्टैंप रजिस्ट्रेशन में 114.09%, परिवहन कर में 72.50 प्रतिशत, आबकारी में 74%, वन विभाग में 160.44 प्रतिशत, खनन में 46.20 प्रतिशत, भू राजस्व में 25.80 प्रतिशत, विद्युत देय में 99.49 प्रतिशत, बैंक देय में 103.6 प्रतिशत, चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य में 101.33 प्रतिशत, स्थानीय निकाय में 102.66 प्रतिशत वसूली पाई गई। इस दौरान व्यापार कर में मात्र 53.56 जबकि खनन में 46.20 प्रतिशत निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वसूली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष वसूली शत प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिया। 10 बड़े बकायेदारों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान गत माह आठ बकायदाओं से वसूली शून्य पाई गई। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदारों को बकायदारो की जमीनों की कुर्क एवं नीलामी की प्रक्रिया अपनाते हुए वसूली करने के निर्देश दिया।
गन्ना मूल्य भुगतान में डी ग्रेड मिला
सीएम डैशबोर्ड पर आधारित राजस्व कार्यो की समीक्षा के दौरान एमओयू मॉनिटरिंग में बी ग्रेड, आबकारी विभाग के उत्पन्न राजस्व नाम लक्ष्य में सी, मंडी आवक में बी, गन्ना मूल्य भुगतान में डी ग्रेड पाई गई। जिलाधिकारी ने धन उपलब्ध न होने के कारण गन्ना मूल्य भुगतान में देरी पर शासन से पत्राचार कर धन आवंटन कराते हुए जल्द ही समस्त गन्ना किसानों को भुगतान करने के निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने धारा 98 में समस्त उप जिलाधिकारी को दो दिन के अंदर आख्या प्राप्त करते हुए इसका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। इसी प्रकार नामांतरण (धारा 34) में डी ग्रेड पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित पीठासीन अधिकारियों को नामांतरण (धारा 34) में समय सीमा के उपरांत लंबित समस्त वादों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा, अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।