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राष्ट्रीय स्वयं सेवकों ने प्रहार दिवस के रुप में मनाया विजय दिवस

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राष्ट्रीय स्वयं सेवकों ने प्रहार दिवस के रुप में मनाया विजय दिवस
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फोटो-05
राष्ट्रीय स्वयं सेवकों ने प्रहार दिवस के रुप में मनाया विजय दिवस
दंड प्रहार कर किया शारीरिक क्षमता एवं दक्षता का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तरफ से नगर स्थित जीवन राम इंटर कालेज छात्रावास परिसर में विजय दिवस के दिन को ‘प्रहार दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवकों ने दंड प्रहार कर शारीरिक क्षमता एवं दक्षता का प्रदर्शन किया। इस अवसर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक राजीव नयन
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ने कहा कि सन 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध दोनों देशों के बीच हुआ तीसरा युद्ध था। पहले के दोनों युद्ध में पाकिस्तान को मात खानी पड़ी थी और इस तीसरे युद्ध में भी ऐतिहासिक पराजय हुआ। जहां पाकिस्तान दो देशों में बट गया। वहीं 93000 सशस्त्र सेना ने भारतीय सेना के समक्ष प्राणों का दान मांगते हुए सशस्त्र आत्मसमर्पण कर दिया। 16 दिसंबर 1971 को जब पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी ने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आकर आत्मसमर्पण के पत्र पर हस्ताक्षर किया तो यह युद्ध न सिर्फ भारत के इतिहास का बल्कि दुनिया के सैनिक इतिहास का एक यादगार युद्ध माना गया। इस दौरान कई भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे उन्हीं हुतात्माओं के सम्मान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 16 दिसंबर को विजय दिवस के दिन ‘प्रहार दिवस’ के रूप में मनाता है। आज के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रत्येक शाखा पर स्वयंसेवको के द्वारा अधिक से अधिक प्रहार का अभ्यास कर अपनी शारीरिक क्षमता एवं दक्षता का प्रदर्शन किया जाता हैं। दंड प्रहार करने वाले स्वयंसेवकों में सह सरसंघचालक वीरेंद्र, नगर बौद्धिक शिक्षण प्रमुख चंद्रापीड, नगर सहप्रचार प्रमुख डॉ.मधुकर आनंद, नगर व्यवस्था प्रमुख अभिषेक, नगर सह संपर्क प्रमुख संतोष, शाखा कार्यवाह राजेश, शाखा के मुख्य शिक्षक प्रवीण बरनवाल, उत्तम कुमार,विशाल पांडे, राहुल, अभिषेक, धर्मेंद्र, सूर्यजीत, गणेश जी,श्रीरामजी, सुनील यादव आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।
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