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यूपी में चौंकाने वाला मामला: चिता सजवाई, खुद लेटा और खिंचवाई फोटो... हत्या के आरोपी ने रची मौत की झूठी कहानी

Sun, 25 Oct 2026 06:47 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां हत्या का आरोपी सजा से बचने के लिए कागज में खुद को मृत दिखाकर घूम रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 
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मऊ में चौंकाने वाला मामला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मऊ जिले के थाना कोतवाली नगर पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने शातिर और चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। हत्या के मुकदमे में ट्रायल के दौरान खुद को मृत दिखाकर फरार चल रहे राजू उर्फ राजकुमार राजभर (38) को पुलिस ने रविवार की सुबह 9:10 बजे ख्वाजाजहांपुर मुहल्ले से गिरफ्तार कर लिया। 

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पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हत्या में सजा से बचने के लिए उसने उसने खुद को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया था। इसके लिए 30 मई 2025 को गाजीपुर जिले के श्मशान घाट पर बकायदा चिता सजवाई। जिसमें परिवार के लोग शामिल थे। 

क्या है पूरा मामला
एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि ख्वाजाजहांपुर मुहल्ला निवासी राजू उर्फ राजकुमार राजभर और उसके दोस्त गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना के मोहल्ला लाल भीतर निवासी सुदर्शन राजभर पर हत्या के आरोप में न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। 
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दोनों ने 19 दिसंबर 2016 को कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास गोली मारकर दोहरीघाट थाना क्षेत्र के नगरीपार गांव निवासी योगेश सिंह की हत्या कर दी थी। उनके भतीचे अविनाश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। 

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अभियुक्त राजू उर्फ राजकुमार राजभर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का कार्य करता था। अलग अलग लोगों से करीब 60 लाख रुपये लेकर शेयर मार्केट में लगा चुका था। मुकदमे के ट्रायल के दौरान उसे सजा होने का डर था। साथ ही लोगों से लिए गए पैसे भी वापस न करने पड़ें, इसलिए उसने एक शातिर योजना बनाई। 

30 मई 2025 को उसने गाजीपुर में खुद को मृत दर्शाया। इसके लिए उसने गाजीपुर के रजागंज श्मशान घाट पर चिता लगवाई और खुद लेटकर फोटो बनवाया। घाट पर काम करने वाले कर्मचारियों से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बाद नगर पालिका मऊ से इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। 

इन सभी फर्जी कागजातों को न्यायालय में दाखिल कर वह पूरी तरह से फरार हो गया और खुद को मृत साबित करने में सफल रहा। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक अनिल द्विवेदी की तहरीर पर शनिवार की रात राजू और कुछ अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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