मऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण में बीते तीन वर्षों से मंडल में प्रथम स्थान पर रहने वाली मऊ नगर पालिका को अस्तित्व में आए सौ वर्ष से अधिक समय हो चुका है। नगरपालिका का तीन बार सीमा विस्तार हुआ है। आखिरी सीमा विस्तार में 1994 में 24 वर्ग किमी के दायरे में 90 से ज्यादा ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल किया गया था। वर्तमान में 39 वर्ग किमी के दायरे वाली नगरपालिका को 42 वार्डों में विभाजित कर करीब तीन लाख की आबादी को नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने का दावा कर रही है।
दो दशक पहले के नगर पालिका के विकास और वर्तमान में काफी बदलाव है। इस दौरान कई शासकीय कार्यालय, दर्जन भर बड़े निजी अस्पताल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स के अलावा दस से ज्यादा बड़े निजी स्कूलों की स्थापना हो चुकी है। नगर पालिका मऊ ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हीं नहीं बल्कि अपने अस्तित्व में आने के बाद से लगातार तरक्की की है। 1944 में मऊ शहर में विकास को लेकर नगर पंचायत मऊ का गठन कर तृतीय श्रेणी में नागरिक सुविधाओं को शुरू किया गया। इस दौरान तीन बार सीमा विस्तार के तहत सात वर्ग किमी से नगर पालिका का दायरा 39 किमी तक पहुंच चुका है। इस दौरान शामिल 90 से ज्यादा गांव आज नगर के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।
20 हजार की आबादी से बढ़कर नगर की आबादी आज करीब तीन लाख तक पहुंच गई है। दो दशक में सीमा विस्तार के बाद नगर में कई विकास कार्य देखने को मिले हैं। आज नगर के भीटी, आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, सदर चौक, मिर्जाहादीपुरा चौराहा आदि स्थानों पर 20 से अधिक बड़े होटल है, वहीं इतनी ही संख्या छोटे-बड़े शॉपिंग मॉल है। इसके अलावा 10 से ज्यादा बड़े प्रतिष्ठित अस्पताल के अलावा स्कूल हैं। बावजूद इसके ताजोपुर, बख्तावरगंज, बकवल, निषाद नगर सहित कई गांव, जिन्हें दो दशक से ज्यादा समय नपा में शामिल हुए हो गए हैं, उनमें अभी विकास की दरकार है। यहां पेयजल, सड़क, सफाई व्यवस्था की समस्या प्रमुख है।
गांवों की पहचान नगर की मुख्य कॉलोनी व चौराहों के रूप में
मऊ। नगर पालिका मऊ के आंकड़ों के अनुसार 1949 में प्रथम सीमा विस्तार करते हुए 7.5 वर्ग किमी दायरे को इसमें शामिल किया गया। जहां करीब 20 हजार की आबादी रहती थी। 1954 में यह तृतीय श्रेणी की निकाय में शासन द्वारा तब्दील कर दी गई। जहां निकाय द्वारा 1986 में एक बार पुन: सीमा विस्तार करते हुए नपा का दायरा 7.5 किमी बढ़ाकर 15 किमी कर दिया गया।
इसके बाद 1994 में ही सीमा विस्तार होने के बाद 50 हजार से अधिक आबादी के शामिल होने पर नगर पालिका का दर्जा द्वितीय श्रेणी में हो गया। यहां 1994 में तीसरी बार सीमा विस्तार करते हुए बख्तावरगंज, भुजौटी, भीटी, डोमनपुरा, सरायलंखसी, चंद्रभानपुर, भदेसरा, भटकुआं पट्टी सहित 90 गांवों को शामिल किया गया। इससे नगर पालिका की सीमा 15 किमी से बढ़कर 39 किमी हो गई। वर्तमान में भुजौटी में ऑफिसर्स कॉलोनी होने से यह पॉश कॉलोनी में शुमार है। वहीं डोमनपुरा मुहल्ला मुख्य शहर में शामिल है। इसके अलावा भीटी आज नगर के बीचोंबीच बसी जगह के रूप में चर्चित है।
नगर पालिका ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका के वार्डों में विकास कार्य निरंतर जारी है। सीमा विस्तार में शामिल वार्डों में विकास कार्यों की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नपा के गठन के समय 28 वार्ड को बढ़ाकर 36 कर दिया गया। फिर 2011 में इसकी संख्या बढ़ाकर 42 कर दी गई, जिससे हर वार्ड में विकास कार्य हो सके।