मऊ। गैंगेस्टर मामले में आरोपी सदर विधायक मुख्तार अंसारी की जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश शंकर लाल की अदालत में सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने विधायक का आपराधिक इतिहास देखते हुए अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, दक्षिण टोला थाना पुलिस ने फर्जी नाम-पते पर असलहों के लाइसेंस लेने के मामले में दर्ज मुकदमे को आधार बनाते हुए मुख्तार अंसारी सहित चार लोगों के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इसकी विवेचना शहर कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने की।
उन्होंनेे विवेचना पूरी कर मुख्तार अंसारी, अनवर शहजाद, इसराइल अंसारी और मोहम्मद सलीम के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट की कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। मामले में मुख्तार अंसारी की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिला जज शंकरलाल ने अधिवक्ता दारोगा सिंह और प्रभारी डीजीसी मणिबहादुर सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।