मऊ जिले के दक्षिणटोला थाने के जालसाजी और आयुध अधिनियम में मामले में नामजद किए गए सदर विधायक मुख्तार अंसारी को पंजाब प्रांत के रूपनगर जेल से लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। जेल अधीक्षक रुपनगर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र भेजकर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम में रिमांड बनाए जाने का अनुरोध किया है।
वही मुख्तार अंसारी की ओर से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह ने भी वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड बनाए जाने का अनुरोध किया। जिस पर सीजेएम विनोद शर्मा ने मामले के विवेचक को केस डायरी के साथ 23 अक्तूबर को कोर्ट में तलब किया है।
इन दिनों सदर विधायक मुख्तार अंसारी, जो रूपनगर, पंजाब के जेल में निरुद्ध है। उनके लेटरपैड पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके साले अनवर सहजाद और एक अन्य को शस्त्र लाइसेंस जारी किया गया था। जांच मे दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर थाना दक्षिणटोला थाने मे 05 जनवरी 2020 को शस्त्र अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई।
इसमें मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। मामले के विवेचक की अर्जी पर सीजेएम ने मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश करने के लिए वारंट बी जारी किया था। साथ ही पेशी के लिए 21 अक्तूबर की तिथि नियत की थी।