मऊ। रानीपुर थाना क्षेत्र सोनिसा गांव निवासी प्रिंस के लखनऊ में अवैध असलहों के साथ पकड़े जाने की सूचना से उसके गांव के लोग हैरान रह गए। प्रिंस के घर वाले तो इस सूचना से सन्न रह गए। गांव में प्रिंस मिलनसार, शांत स्वभाव और बड़े बुजुर्गों का आदर करने वाले युवक की रूप में जाना जाता रहा है। उसके विरुद्ध रानीपुर थाने अथवा मऊ तथा आसपास के किसी जिले में कोई अपराधिक मुकदमा नहीं है। वह कब असलहों के कारोबारी के संग आ गया लोग यह सोचकर हैरान है।
गांव निवासी अनिल सिंह के दो संतानें हैं। बड़ी बेटी शादीशुदा है वह अपनी ससुराल रहती है। छोटा इकलौता बेटा प्रिंस है। बीए करने के बाद यह काम की तलाश में था। लगभग डेढ़ साल पहले से वह बिहार के बक्सर में सड़क निर्माण करने वाली एक कंपनी में काम करता था। फरवरी में उसके दादा की तबीयत खराब हो गई। प्रिंस के पिता अनिल सिंह मध्य प्रदेश में एक कंपनी में काम करते हैं। घर में बुजुर्ग दादा की तबीयत खराब होने पर फरवरी में ही प्रिंस घर आ गया लेकिन कुछ दिनों बाद लाकडाउन हो गया और उसके दादा का देहांत भी हो गया। तब से प्रिंस घर पर ही था।
गांव में उसका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं होता था। मंगलवार को वह अपनी मां से आजमगढ़ किसी दोस्त के घर घूमने जाने की बात कहकर घर से निकला। बाद में उसने कोई काम बताकर कुछ दिन बाद आने को कहा। घर वाले यह समझ रहे थे कि कसी काम के सिलसिले में रुक गया है दो एक दिन में आ जाएगा। लेकिन इस बीच प्रिंस को एक दोस्त के साथ लखनऊ में 21 अवैध असलहों के साथ पकड़े जाने की सूचना उसके घर वालों पर मानों बिजली की तरह गिरी।
धीरे धीरे पूरे गांव में यह खबर फैल गई। उन्हें यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा किसी अपराधिक गतिविधि में शामिल हो सकता है। उसकी मां बार बार कह उठती कि उसके बेटे के साथ धोखा हुआ है। वह बेकसूर है। इस बाबत थानाध्यक्ष कुमुद शेखर सिह का कहना है की रानीपुर थाने में प्रिंस कुमार सिंह के विरुद्ध कोई अपराधिक केस दर्ज नहीं है।सूत्रों के अनुसार शाम को उसके घर पर स्वाट टीम भी कोई जानकारी लेने गई थी।