दोहरीघाट। सरयू तट पर बसे अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम पर आयोजित षष्टम अश्वमेध महायज्ञ के लिए सदगुरु महाराज के नेतृत्व में मातृ भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली। भक्तों के जयकारे से वातावरण भक्तिमय रहा।
अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी धाम के सद्गुरु महाराज के नेतूत्व में निकली शोभायात्रा मातेश्वरी धाम से निकल कर नगर भ्रमण करते हुए सरयू नदी पुल से होकर समीपवर्ती गोरखपुर जिले के बड़हलगंज में काॅलेज रोड अंबेडकर चौराहा से भ्रमण कर मुक्तिपथ घाट पहुंची।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मातृभक्तों ने कलश में जल भरकर वापस अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम में अपने-अपने कुंड पर कलश को स्थापित किया इसी के साथ षष्टम अश्वमेध महायज्ञ का प्रारंभ हुआ। कलश शोभायात्रा में हाथी घोड़ों पर दर्जनों झांकियों में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम जानकी की झांकियों को देख लोग भावविभोर हो उठे।
वही रथों पर सवार विदेशी युवतियों ने देवी के रूप मे सजकर सबको नमस्ते इंडिया, वेलडन इंडिया कहकर सबका अभिवादन कर रही थीं। इस महा अलौकिक कलश शोभा यात्रा देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगाेें की भारी भीड़ लगी रही। वहीं गुरुजी महाराज प्रधान कलश लेकर आगे चल रहे थे। उनके पीछे हजारो मातृभक्त पीत धारण कर पीछे पीछे जय माता दी का जयकारा लगाते हुए आगे चल रहे थे। षष्टम अश्वमेध महायज्ञ के लिए निकली शोभा यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और पीएसी के जवानों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई थी।