शहीद की धरती पर सुविधाए शून्य। केवल सड़क की ही बात करें तो क्षेत्र की तमाम सड़कें अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। जबकि जनप्रतिनिधि क्षेत्र में विकास का दावा करते नहीं अघाते। तहसील मधुबन से निकलने वाली कोई भी सड़क ठीक नहीं है।
मधुबन से दुबारी परसिया तक की 15 किमी प्रधानमंत्री सड़क की हालत बद से बदतर स्थिति में है।दुबारी से धर्मपुर बरहज घाट, गजियापुर से सूरजपुर बंधा मधुबन दोहरीघाट रोड से परशुरापुर मधुबन, सिपाह रोड पर अहिरौली से लालनपुर तक, नंदौर से लधुवाई लगभग 15 किमी प्रधानमंत्री सड़क, मधुबन दुबारी रोड से गंगऊपुर से सुवाह गांव तक की सड़क तो ऐसी है कि पैदल चलना तक मुश्किल है।
सूत्रों की माने तो इन सड़कों पर मरम्मत के नाम पर कई बार भुगतान भी करा लिया गया है लेकिन सड़क की हालत में कहीं सुधार नजर नहीं आ रहा है। पांच साल में कटघरा शंकर से अलीनगर मऊ जिले को जोड़ने वाली एक मात्र सड़क आज तक पूरी नहीं हो सकी। मझवारा से सेमरी जमालपुर और नंदौर से कटघरा शंकर तक छह किलोमीटर सड़क आज तक नही बन सकी।
इसी तरह मधुबन बेल्थरा मार्ग पर पांच साल में मर्यादपुर डुमरी से लेकर पहाड़ीपुर तक एक किलोमीटर सड़क आज तक नहीं बन सकी। कांग्रेस के नेता राष्ट्रकुंवर सिंह, भाजपा के नेता भरत सिंह, डॉ. एच एन सिंह पटेल, सीता राय का कहना है कि कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया पर काम नहीं हो रहा है।