वेतनमान में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर बैंककर्मियों की दो दिनी हड़ताल के अंतिम दिन गुरुवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। हड़ताल के चलते नगर के अधिकांश एटीएम में नकदी नहीं होने से लोग परेशान रहे। वहीं एक अरब 40 करोड़ की क्लीयरेंस भी ठप रही। हड़ताली बैंक कर्मियों ने बैंक और बड़ौदा़ मऊ शाखा के सामने सामूहिक धरना प्रदर्शन किया।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंककर्मियों ने बैंक आफ बड़ौदा के सामने धरना प्रदर्शन किया। धरने को सम्बोधित करते हुए यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के संयोजक रामअवतार सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जमा धन के बढ़ते कार्पोरेट लूट के प्रति सरकार के उदासीन रवैए की जितनी निंदा की जाए कम ही है। मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।धरने को बालाजी मोदी, विक्रम राम, नरेंद्र सिंह, चंद्रकांत, त्रिगुन, अभिषेक कुमार, अरूण कुमार, रमाकांत, सुमित कुमार, सुधीर कुमार, राधेश्याम, वृजेश कुमार, अमन कुमार आनंद, अंकुर, अनिल कपूर आदि ने संबोधित किया।
जिले में 24 बैंकों के 160 शाखाएं हैं। लगातार दो दिनों से बैंककर्मियों की हड़ताल से खाताधारकों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ा। बैंककर्मियों की हड़ताल से एटीएम में पैसा नहीं भरा जा सका। इसके चलते अधिकांश एटीएम खाली पड़े रहे। परेशान लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर काटते देखे गए। इस संबंध में यूबीआई मेन ब्रांच के एटीएम से पैसा निकालने आए इकबाल अहमद, श्याम कुमार, सीता देवी का कहना था कि लगातार दो दिन से एटीएम से पैसा नहीं मिल रहा है। अस्पताल में मरीज भर्ती है। कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
यही हाल एसबीआई, केनरा, पीएनबी सहित कई बैंकों के एटीएम का रहा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के संयोजक रामअवतार सिंह ने हड़ताल के चलते दो दिन में लगभग 140 करोड़ की क्लीयरेंस ठप रहा। एलडीएम गिरीश चंद्रा का कहना है कि क्लीयरेंस प्रभावित होने का मामला एसबीआई ही बता सकता है।