जिला अस्पताल के ओपीडी में दवा काउंटर पर मौजूद लोगों की भीड़।संवाद
मऊ। दिवाली के बाद बदलते मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे वायरल फीवर के पीड़ितों की संख्या दोगुनी पहुंच गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक हर दिन 300 लोग पहुंच रहे हैं। परामर्श के बाद डॉक्टर 230 से 250 लोगों को जांच के लिए भेज रहे हैं। जांच के बाद हर दिन 70 लोगों में वायरल फीवर की पुष्टि हो रही है। पहले यह संख्या 35 से 40 की होती थी। अब यह संख्या दोगुनी पहुंच चुकी है। जांच के बाद अधिकतर मरीजों को सर्दी, जुकाम के अलावा वायरल फीवर के लक्षण मिल रहे हैं। डॉक्टर दवा के साथ उन्हें बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
शनिवार की दोपहर तक जिला अस्पताल में 1289 लोगों ने ओपीडी के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें सबसे अधिक सर्दी, जुकाम, खांसी के अलावा वायरल फीवर की शिकायत लेकर पहुंचे। अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार ने मरीजों के परीक्षण के बाद 118 लोगों की जांच करवाई। इसमें 55 मरीज वायरल फीवर के शिकार मिले। अन्य मरीजों को सामान्य सर्दी, जुकाम और खांसी निकली। डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें दवा लिखी। साथ ही बदलते मौसम में मच्छरों से बचने की सलाह दी। ठंड या तेज बुखार आने पर तुरंत जांच कराने को कहा।
सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार ने बताया कि इस समय मच्छरजनित बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इस दौरान चिकनगुनिया, मलेरिया, पीला बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बताया कि इससे बचाव को लेकर सुबह-शाम फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। घर और उसके आसपास गंदगी जमा न होने दें। कूलर और नाली में पानी जमा न होने दें। जलभराव को साफ करें। मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। ठंड लगने के साथ तेज बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवा का सेवन करें। डॉक्टर की सलाह और मार्गदर्शन में ही उपचार कराएं।
कोट
वायरल फीवर में मरीजों में प्लेट्लेटस बहुत जल्दी गिरती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से उनमें दिनों तक कमजोरी बनी रहती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाकर इलाज कराना चाहिए।
डॉ. अनिल कुमार, फिजिशियन