चंदौली। जिला मुख्यालय को चकिया और नौगढ़ को जोड़ने वाली सड़क चंदौली-बबुरी मार्ग पर पांच फीट अधिक पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पड़या गांव के समीप सड़क पर पानी ज्यादा होने से वाहनचालकों को कठिनाई हुई। जलभराव का रिक्शा वालों ने भी लाभ उठाया। उन्होंने लोगों से 50-50 रुपये वसूले। बाइकों को अपने रिक्शा ट्रॉली पर लोड करके दूसरे किनारे उतार रहे हैं। लेकिन चार पहिया वाहन चालक पानी के बहाव के बावजूद भी खतरा मोल लेकर आवागमन करते दिखे।
पहाड़ी क्षेत्र में दो दिनों से लगातार बारिश होने से चलते मूसाखांड़ और चंद्रप्रभा बांध पानी से लबालब भर गए हैं। इसके चलते अहरौरा के पास डैम से पानी छोड़े जाने से जनपद के बबुरी क्षेत्र से डेढ़ दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। हालांकि गांवों में अभी पानी नहीं घुसा है, लेकिन धान के खेत और सीवान पानी में डूब गए हैं। वहीं सदर कोतवाली क्षेत्र के पड़या गांव के सामने मुख्य सड़क पर चार से पांच फीट तक पानी भर गया है। यह सड़क बबुरी, चकिया और नौगढ़ इलाके लोगों को जिला मुख्यालय से सीधा जोड़ती है। ऐसे में सड़क पर पानी भरने के बाद आवागमन प्रभावित हो रहा है। जबकि आसपास के इलाके में धान की फसल पानी में डूब गई है। गांव के राजेश, मोहन, गोपाल, शमशेर ने बताया कि गड़ई नदी में उफान के कारण मुख्य सड़क पर पानी भर गया है। आवागमन के अलावा धान की फसल और पशुओं का चारा भी पानी में डूब गया है।
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बाढ़ की चपेट में गरई नदी, 60 घंटों से चंदौली मिर्जापुर संपर्क मार्ग ठप
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शिकारगंज। मिर्जापुर जनपद को अहरौरा के रास्ते शिकारगंज के माध्यम से चंदौली को जोड़ने वाली अमरा दक्षिणी गांव के पास शनिवार रात बरसात से और अहरौरा बांध खुलने से गरई नदी उफान पर है। इससे जर्जर पुल के ऊपर पानी का बहाव सोमवार को भी जारी रहा। चंदौली और मिर्जापुर के दो जिलों का आवागमन 60 घंटों से ठप है। यह मार्ग आवागमन करने वालों के लिए भारी मुसीबत बना हुआ है। मिर्जापुर, सोनभद्र और मध्य प्रदेश के मार्गों को जोड़ने के लिए चकिया तहसील से मुगलसराय नगर नौगढ़ मार्ग को जोड़ते हुए बिहार को भी जोड़ता है। मुरारपुर से रघुनाथपुर मुजफ्फरपुर हेतिमपुर शिकारगंज होते हुए अमरा दक्षिणी गांव के पास गरई नदी के ऊपर पुल का निर्माण किया गया है, इसे पार कर मिर्जापुर को जोड़कर अन्य जनपद को जाने के लिए मार्ग खुलता है। हर साल बरसात में अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने पर गरई नदी पर का बहाव तेज हो जाता है। पुराने जर्जर पुल के ऊपर पानी गुजरने से आवागमन पूरी तरीके से ठप हो जाता है। शुक्रवार रात तेज बारिश के कारण क्षेत्र में चारों तरफ जल भराव हो गया है। बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। सोमवार को अहरौरा बांध से पानी छोड़े जाने पर गरई नदी के पुल पर भी पानी आ गया। इसके कारण 60 घंटों से आवागमन पूरी तरह ठप है। कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि गरई नदी पुल से पानी बहने के कारण आवागमन को रोका गया है। पुल से पानी का बहाव बंद होने की सूचना पर आवागमन बहाल किया जाएगा।
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दूसरे दिन भी अरंगी गांव में चलती रही नाव
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कंदवा। लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते कर्मनाशा नदी लगातार दूसरे दिन उफान पर रही। कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों के गलियों में पानी घुसने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। अरंगी गांव में तो सड़कों पर नाव चलने लगी है। बरहनी ब्लॉक के अदसड़, कुवां, अरंगी, लोहरा, पोखरा -धनाइतपुर, मुड्डा, दैथा, चिरईगांव, चारी आदि गांवों के लोगों को कर्मनाशा नदी में आए उफान से बाढ़ की परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोमवार को दूसरे दिन नदी में बढ़े जलस्तर को देख लोग परेशान रहे। नदी के तटवर्ती गांवों के किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। दो दिन से फसलों के जलमग्न होने से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। अरंगी गांव के मुन्ना सिंह, गुलाब सिंह, बबलू पांडेय, अखिलेश सिंह, अख्तर अली ने बताया कि नदी का जलस्तर रविवार से काफी बढ़ा है। कर्मनाशा में पानी बढ़ने और उफान से लोहरा अरंगी मार्ग, अरंगी लक्ष्मणपुर, अरंगी चारी के साथ अदसड़ ककरैत मार्ग पर करीब चार फीट ऊपर से पानी बह रहा है। पानी बढ़ने से ग्रामीण चौकसी बरत रहे हैं। इस संबंध में बीडीओ बरहनी रत्नेश सिंह ने बताया कि लोगों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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बाढ़ चौकियां स्थापित
कंदवा। कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका के मद्देनजर नदी के तटवर्ती अरंगी इलाके के ककरैत, अरंगी, नौबतपुर और सोगाई में चौकियां स्थापित की गई हैं। हर चौकी पर दो आशा एक एएनएम व एक चिकित्सक और सीएचसी अधिकारी की तैनाती की गई है। वहां पीड़ित लोगों को संबंधित दवाइयां वितरित की जा रही हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी बरहनी डॉ राजेश सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर बरहनी में चार बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। चौकियों पर लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्य कर रही। अरंगी में बरहनी पीएचसी से पहुंचे डॉ संजय यादव और डॉ अर्चना पांडेय ने लोगों को दवाइयां दी।
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बबुरी के बाढ़ ग्रस्त इलाके मेें पहुंचाई गई राहत सामग्री
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बबुरी। चंदप्रभा और गरई नदी में उफान से बबुरी क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। हालात का जायजा लेने और राहत कार्यों की गति बढ़ाने के लिए सोमवार को एसडीएम दिव्या ओझा ने नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा की। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाते हुए आश्वासन दिया कि कोई भी परिवार भूखा नहीं रहेगा। एसडीएम के नेतृत्व में दुदे, नगई, नवाबपुर, जगदीशपुर, धरौली, भटपुरवा, केवटी, कुरई, भोपटपुर हटिया और जलखोर कला सहित कई गांवों में ढ़ाई हजार से अधिक लंच पैकेट, नाश्ता, रात का भोजन और फल वितरित किए गए। नाव से पहुंचकर टीम ने यह सुनिश्चित किया कि दूरदराज के गांवों तक भी समय पर मदद पहुंचे। इस दौरान सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने न सिर्फ राहत वितरण किया बल्कि सुरक्षा इंतजामों व प्रशासनिक व्यवस्था की भी गहन समीक्षा की।
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बहेलियापुर बंधी के तटबंध मरम्मत कार्य जोरों पर
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चकिया। क्षेत्र में रविवार को बहेलिया बंधी टूटने के बाद क्षेत्र के 200 किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। चकिया के विधायक और डीएम चंद्र मोहन गर्ग के निरीक्षण के बाद बंधी डिवीजन के अधिकारी कर्मचारी बंधी की मरम्मत में जुट गए हैं। सोमवार को इसके मरम्मत का कार्य चलता रहा। भारतीय नेता धीरज श्रीवास्तव ने एक्सईएन बंधी डिविजन सुरेश चंद्र आजाद से फोन पर बात की। इस पर एक्सईएन ने जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया। वहीं एक्सईएन के निर्देश पर सहायक अभियंता बंधी मनोज पटेल मौके पर उपस्थित रहकर बंधी का तटबंध मरम्मत करने की कार्यवाही में जुटे रहे। सहायक अभियंता मनोज पटेल ने बताया कि जल्द ही बंधी की मरम्मत कर पानी को रोक दी जाएगी।
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डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण
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चंदौली। डीएम चंद्र मोहन गर्ग और एसपी आदित्य लांग्हे ने सोमवार को सदर ब्लॉक के भटपुरवा, केवटी, चूरमुली सहित कई बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए। बाढ़ राहत शिविरों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। चिकित्सकों की तैनाती की गई है। यदि किसी को उपचार की आवश्यकता है तो तत्काल उपचार भी किया जा रहा है। डीएम ने सभी सक्रिय बाढ़ राहत शिविरों में शिफ्ट करने का निर्देश एसडीएम चकिया को दिया। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ध्यान दें कि किसी भी परिस्थिति में मनुष्य, पशु और किसी प्रकार की हानि न होने पाए। राहत सामग्री नियम के अनुसार दी जाएगी।
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बांधों से छोड़ा जा रहा बरसात का पानी
शिकारगंज। 24 अगस्त की रात में बांध के कैचमेंट में बारिश होने से नौगढ़ बांध से 928 क्यूसेक पानी एवं मूसाखांड़ बांध से 2964 क्यूसेक तथा लतीफशाह वीयर से 3447 क्यूसेक पानी कर्मनाशा नदी में छोड़ा जा रहा है। चंद्रप्रभा बांध से 4251 क्यूसेक पानी भैसोड़ा बांध से 351 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्षा होने पर और भी अधिक डिस्चार्ज किया जा सकता है। जनपद मिर्जापुर के अहरौरा बांध से भी गरई नदी में पानी छोड़ा जा रहा है।