मऊ। उत्तर प्रदेश वित्तविहीन विद्यालय प्रबंधक संघ के तत्वावधान में विद्यालय प्रबंधकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष जयप्रकाश मिश्र ने कहा कि जिले में चल रहे निजी विद्यालयों को अनावश्यक रुप से बंद कराया जा रहा है। जबकि एक विद्यालय कम से कम 10 से 15 लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। जबकि एक विद्यालय कम से कम 10 से 15 लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा है। बिना किसी अनुदान व सहयोग के विद्यालय चलाकर बच्चों को शिक्षित कर रहा है।ऐसी स्थिति में विद्यालयों को अव्यवस्थित करना उचित नहीं है। शासन की मंशा के अनुसार बहुत से प्रबंधक मान्यता के लिए आवेदन कर चुके हैं। जिनकी पत्रावलियां लंबित है। शेष प्रबंधक आवेदन की तैयारी में हैं। जिसकी अंतिम तिथि 30 सितंबर 2019 है। ऐसे में विद्यालयों को मान्यता के लिए समय प्रदान किया जाए।
शिक्षा सत्र में लगभग चार माह बीतने के बाद जब बच्चों ने पुस्तक, ड्रेस सहित अन्य जरूरी वस्तुएं खरीद लिए हैं तो ऐसे में विद्यालयों को बंद करना उचित नहीं है। इससे बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा प्रबंधकों में काफी रोष व्याप्त है। नगर के एक विद्यालय में पुलिस बल का कक्षा में प्रवेश करने से छोटे बच्चे भयभीत हो गए और सदमे में आकर रोने चिल्लाने लगे। इस तरह शिक्षा के मंदिर में पुलिस बल के प्रवेश पर रोक लगाया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश पांडेय, रमेश श्रीवास्तव, नरेश सिंह आदि शामिल रहे।