मधुबन के पांती में लगातार हो रही बारिश के कारण गिरा मकान।
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मऊ। दो दिनों से लगातार हो रही बरसात से जहां एक बारगी जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं अतिवृष्टि के चलते तीन कच्चे जर्जर मकान ढह गए। इस घटना में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन मकान ढहने से मौके पर अफरातफरी मच गई। शुक्रवार को पूरे दिन रिमझिम बरसात होने से किसानों के चहरे पर मुस्कान फैली। वैज्ञानिकों की मानें तो धान की फसल के लिए यह पानी काफी लाभकारी साबित होगा।
गुरुवार की सुबह से जो बरसात शुरु हुई तो दूसरे दिन शुक्रवार की देर शाम तक जारी रही। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान छोटे दुकानदारों को हुआ। क्योंकि बरसात से शुक्रवार को फुटपाथों पर लगने वाली दुकानें नहीं लग सकीं। इस दौरान घोसी कोतवाली क्षेत्र के वनगांवा गांव निवासी एक व्यक्ति का मकान ढह गया। वहीं बनाफा गांव निवासी जीवनंद प्रसाद पुत्र स्व. रामलाल और पन्ना लाल सोनकर पुत्र स्व. सहदेव का कच्चा खपरैल का कच्चा मकान ढह गया। इस दुर्घटना में काई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन घटना के बाद से गांव में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। वलीदपुर नगर पंचायत निवासी बेलाल अहमद का मकान बरसात में ढह गया। इस घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ, लेकिन घर की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर नष्ट हो गई। घटना के बाद से गांव में हड़कंप मचा था।
दूसरी तरफ बरसात होने से शहरी क्षेत्र में चारों तरफ कीचड़ और फिसलन हो गई थी। जबकि निचले इलाकों में जलभराव ने लोगों को परेशान किए रखा। इससे शहरी क्षेत्र में रहने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यही हाल ग्रामीणांचल में रहा। यहां जिसके घर शौचालय नहीं था, वह परिवार पूरे दिन हुई इस बरसात में काफी परेशान हुआ। जबकि बरसात से किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखी। क्योंकि खेती किसानी के साथ धान की फसल के लिए यह पानी लाभदायक है। जिल कृषि अधिकारी उमेश कुमार की मानें तो यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। रिमझिम बरसात होने से गिरने वाले पानी को सीधे जमीन ने सोख ले रहा। जो फसल के लिए काफी लाभप्रद साबित होगा।