घोसी नगर के बड़ागांव में मोहर्रम की 25तारीख की रात में इमामे सज्जाद की याद में नौहाख्वानी करते अंज?
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घोसी। नगर के बड़ागाँव में बुधवार की रात जुल्फेकार अहमद के आवास से अलम और हजरत इमाम सज्जाद के ताबूत का जुलूस निकाला गया। अंजुमन सज्जदिया ने नौहाख्वानी की। जुलूस अपने परंपरागत रास्तो से होता हुआ देर रात सदर इमाम बारगाह पर दफन हुआ। जुलूस शिया समुदाय के चौथे इमाम हजरत जैनुलआब्दीन की शहादत की याद में निकाला गया। इमाम जैनुलआब्दीन का जन्म 15 जमादिउल अव्वल 38 हिजरी को मदीने में हुआ। इमाम जैनुलआब्दीन हजरत अली के पोते और इमाम हुसैन के पुत्र थे। इमाम को कर्बला का अजीम योद्धा कहा जाता है। जब कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गये तो इस ग़ुरबत भरे आलम में इमाम ने अपने परिवार की जिम्मेदारी ली और हर सम्भव प्रयास कर के अहले हरम की रक्षा की। इमाम ने अपने बाबा हुसैन कि शहादत के मकसद को लोगो तक पहुचाया और बातिल के चेहरे को पूरी तरह बेनक़ाब किया। इमाम ने यजीद को पराजित किया। आज भी पूरी दुनियां में यजीद जलील व रुसवा है तथा हुसैनियत का परचम आज भी पूरी दुनिया में बुलन्द है। इस दौरान काफी संख्या में अजादारों ने शिरकत की।