मऊ। जनपद से गोरखपुर के लिए मऊ डिपो से संचालित होने वाली रोडवेज की बसें पिछले तीन दिनों से दोहरीघाट तक ही संचालित हो रही हैं। गोरखपुर जनपद के कौड़ीराम से कसिहार के बीच सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने के कारण मार्ग पूरी तरह बंद चल रहा है। इस मार्ग से होकर जाने वाले वाहनों को खजनी होकर गोरखपुर के लिए 18 किलोमीटर अधिक यात्रा करनी पड़ रही है। जिससे इस मार्ग पर वाराणसी से मऊ होकर संचालित होने वाली बसों में यात्रियों से 19 रुपए अधिक किराया लिया जा रहा है।
मऊ डिपो की 53 बसों में से महज 44 बसों का ही संचालन हो रहा है। बसों का संचालन लखनऊ, कानपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर तथा वाराणसी के लिए होता है। लेकिन पिछले तीन दिनों से गोरखपुर जनपद में कौड़ीराम के पास आमी नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण सड़क पर पानी भर गया है। इससे मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा है। हालांकि गोरखपुर जाने के लिए वाहन गोरखपुर के बांसगांव-खजनी के रास्ते नौसड़ पहुंच रहे हैं। गोरखपुर के लिए मऊ डिपो से दो बसों का संचालन किया जाता है। लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बसों का संचालन गोरखपुर के लिए रोक दिया गया है।
मऊ डिपो की बसों को दोहरीघाट तक ही भेजा जा रहा है। वाराणसी व अन्य डिपो की बसों को गोरखपुर जाने के दोहरीघाट होते हुए डायवर्टेड रूट से 18 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं यात्रियों को 19 रुपए अधिक किराया भी देना पड़ रहा है। एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि मऊ डिपो से विभिन्न रूटों पर संचालित हो रहीं 44 बसों में से दो बसें गोरखपुर के लिए चलाई जाती हैं। लेकिन मार्ग बंद होने के कारण मऊ डिपो की बसों को दोहरीघाट तक ही भेजा जा रहा है। गोरखपुर जा रही अन्य डिपो की बसों को 18 किलोमीटर की अधिक यात्रा करनी पड़ी रही है।