अप्रैल माह बीतने को है लेकिन जिले में आग से बचाव के कारगर उपाय नहीं किए जा सके हैं। आग लगने की घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने कई अस्पतालों, निजी स्कूलों सहित दूसरी जगहों पर निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर आग से बचाव को लेकर कोई व्यवस्था नहीं मिली। इस पर 10 निजी अस्पतालों को जहां नोटिस जारी किया गया है। वहीं 20 की सूची तैयार की जा रही है। जिले में दो हजार से अधिक स्कूल, कालेज हैं। इसके साथ ही निजी अस्पताल तथा व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने अनिवार्य हैं। अंडर ग्राउंड टैंक, फायर पंप, टैरिस टैंक पंप, होजरिल सिस्टम, फायर हाइड्रेंट, फायर एलार्म सिस्टम और 200 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया है तो आटोमैटिक स्प्रिंकल सिस्टम रहना जरूरी है।
यदि इनके बगैर किसी बड़े प्रतिष्ठान का निर्माण हुआ है तो वही पूरी तरह से अवैध है। इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। यह बात अलग बात है कि जिम्मेदार विभाग इनपर कभी हाथ नहीं डालते हैं। इसके साथ ही सरकारी, गैर सरकारी संस्थान हैं। जिले में आए दिन आग की घटनाएं हो रही हैं। विभाग की ओर से सभी सरकारी, गैर सरकारी तथा निजी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है, केवल नोटिस जारी कर इतिश्री कर ली जाती है।
कोट
स्कूलों, कालेजों, अस्पतालों, प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के इंतजाम की जांच पड़ताल की जाती है। संबंधित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी से अस्पतालों की सूची मांगी गई है।
- के वर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मऊ