जिले के मधुवन तहसील के परसपुर निवासी शिवानंद सिंह का हाथी पन्ना लाल इलाज के लिए सात सौ किमी दूर मथुरा इलाज करने लिए पहुंचा है। वहां वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम की ओर से हाथी का उपचार कराया जा रहा हैं। डॉक्टरों की टीम ने उसका नाम मनु रखा है।
हाथी के मालिक शिवानंद सिंह ने बताया कि तीन वर्ष पहले उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी को हमीरपुर जिला निवासी गुले फातिमा ने हाथी दान दिया था। शिवानंद बताते है कि दान के समय यह हाथी की उम्र 55 वर्ष थी।बताया कि दान के रूप में मिले इस हाथी को पन्नालाल नाम देकर इसे गणेश भगवान का दर्जा देकर रोज नियमित इसका पूजा इनका परिवार करता था। बताया कि एक फरवरी को वह किसी काम से जिला मुख्यालय आए थे तभी उन्हें बताया कि पन्नालाल के दाहिने पैर में अचानक दर्द उठा जिसके बाद वह नीचे आ गिरा।बताया कि इसकी जानकारी उनके द्वारा वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, साथ ही उपचार के लिए मथुरा से उपचार कराने की इजाजत मांगी गई।जिसके बाद एक फरवरी की रात में मथुरा से डॉक्टर राहुल, अनुज, जसवंत अथर्व, मृदल पाठक, सुरेन्द्र सहित साथ सदस्यीय टीम पहुंची और पन्नालाल का इलाज किया ।बताया कि इलाज के बाद भी ठीक न होने पर टीम ने बताया कि पन्नालाल का उपचार मथुरा में संभव है।जिसके बाद उनके द्वारा दुबारा 6 फरवरी को विन विभाग से पन्नालाल का उपचार कराने के लिए मथुरा भेजने के लिए इजाजत मांगी गई थी।बताया कि परमिशन मिलने के बाद इसी टीम के साथ उनका महवात सलामत मथुरा रवाना हुए थे।
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आत्मीय लगाव इतना कि पन्नालाल बीमार तो दंपति भी हो गए बीमार
मऊ।शिवानंद बताते है कि हाथी रखने का कार्य उनके पूर्वज पहले से करते आ रहे हैं। दान मिलने के बाद से पन्नालाल एक जानवर नहीं बल्कि परिवार का सदस्य था।दिन की शुरुआत इसके पूजा करने के बाद ही होती थी ।बताया कि पन्नालाल की तबीयत खराब होने पर वह और उसकी पत्नी भी बीमार हो गई। वहीं इनके बच्चे बच्चे आर्दश, वैश्वनी, वैभवी, आलोक पन्नालाल के बेहतरी करने के लिए रोज प्रार्थना कर रहे है।