काफी समय से बिना जानकारी के दुकान और गोदामों से साड़ियां निकालकर अपने ठिकाने पर जमा करता था। 13 फरवरी 2025 को आरोपी होजैफा नसीम और साहब अहमद को पुलिस ने बंधा रोड से गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर दोस्त मोहम्मद आमिर के घर 34 बोरियों में रखी 3344 साड़ियां और साहव अहमद के घर में चार बोरे में रखी 275 साड़ियां बरामद हुई थी। इन साड़ियों की कीमत 20.64 लाख रुपये थी। दुकान मालिक का आरोप था कि पांच व्यवसायिक फर्मों से गिरोह ने 2.96 करोड़ रुपये की साड़ियां चोरी करके बेच दी।
एसपी इलामारन जी ने बताया कि होजैफा नसीम गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर अवैध रूप से धन अर्जित किया था। उसी अवैध धन से डोमनपुरा में गाटा संख्या 69 52 कड़ी (210.6 वर्गमीटर) जमीन खरीदकर मकान बनवाया था। इस जमीन का सर्किल रेट 48.71 लाख और बाजारू कीमत लगभग 1,46,13,000 रुपये आंका गया है। जांच के दौरान उसके पास संपत्ति खरीदने का कोई वैध आय स्रोत नहीं पाया गया। विवेचना कर जिलाधिकारी के यहां पेश की गई थी। इसी आधार पर 13 जनवरी को उनके कोर्ट ने संपत्ति जब्त करने का फैसला सुनाया था।
14 दिन पहले गिरफ्तार हुए थे पिता पुत्र
एक जनवरी को सिवान जनपद के तेलहट्टा बाजार से हौजैफा के भाई हारिस नसीम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि था पिता नसीम अहमद उर्फ कोठा दो जनवरी की सुबह वाराणसी से मऊ पहुंचने वाला है। लिस टीम ने दबिश देकर दो जनवरी की सुबह 08.30 बजे के रेलवे स्टेशन स्थित रामलीला मैदान के पास से पिता को भी गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी नहीं हो पाने के कारण एसपी ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।