खालिसपुर ग्राम पंचायत स्थित राधे बांध के ऊपर से पानी बह रहा है। अगर यह बांध भी टूट गया तो इटौरा और अरदौना गांव भी पूरी तरह इसकी चपेट में आ जाएंगे। उधर गाढ़ा ताल में बढ़े पानी के कारण दो दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें तरह बेहाल हैं। अब तो गाढ़ा ताल का पानी समीपवर्ती गांव में भी फैलने लगा है। दतौड़ा, मुबारकपुर, नगवा, बीबीपुर, सीधवल, बिलौवा, गाढ़ा, मुस्तफाबाद से सेहबरपुर मडईली, बसारिखपुर, खालिसपुर समेत काफी गांव बुरी तरह प्रभावित हैं।
तमसा नदी के तटवर्ती गांव पिपरसाथ, लसरा, कोनिया, रेता, बहरामपुर आदि गांव के लोगों की स्थिति भी बद से बदतर हो गई है। कई गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट चुके हैं। बाढ़ प्रभावित गांव के विद्यालयों में पानी भरने से विद्यालय भी बंद चल रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा लोगों को पशुओं के चारे की भी समस्या उत्पन्न हो गई है। लोगों की मांग है कि क्षेत्र में हुई क्षति का आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।