फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले की दसवी सीएचसी के रूप में शुरू हुई मझवारा सीएचसी

विज्ञापन
विज्ञापन
मझवारा (मऊ)। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद तेज हो गई है। घोसी ब्लाक क्षेत्र के मझवारा तथा फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के नेमडाड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्रदान किया गया है। इसमें मझवारा सीएचसी का संचालन शुरू किया जा चुका है, जबकि नेमडाड़ में सीएचसी के भवन का निर्माण कराया जा रहा है। घोसी तहसील में अतिरिक्त सीएचसी होने से तहसील के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन

जिले की करीब 25 लाख की आबादी पर वर्तमान में जिला अस्पताल, महिला जिला अस्पताल के साथ नौ ब्लाकों पर नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ 42 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहे है। बढ़ती आबादी के चलते अब यह चिकित्सीय सुविधा अपर्याप्त होती दिख रही है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में घोसी ब्लाक तथा फतेहपुर मंडाव ब्लाक में सबसे ज्यादा दिक्कतों को देखते हुए यहां चिकित्सीय सुविधा बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दिया है। इसके तहत ही विभाग ने घोसी ब्लाक के मझवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते एक जून से तब्दील कर संचालन शुरू कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि जिले में बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं के मद्देनजर घोसी सीएचसी के अलावा अतिरिक्त मझवारा सीएचसी शुरू की गई है।इसमें वर्तमान में प्रभारी डॉ. शारिक अंसारी, डॉ. अजय शरण के अलावा दो फार्मासिस्ट और एक एएनएम की तैनाती की गई है।इनके द्वारा प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों का उपचार इन दोनों चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। बताया कि इस नई सीएचसी से घोसी तहसील के मझवारा कस्बा क्षेत्र के मझवारा, खैरामुहम्मदपुर, पवनी, लखनी मुुबारकपुर, मलेरीकोट, सेमरीजमालपुर, बेलासुल्तानपुर, लुदही सहित 30 से ज्यादा गांवों के 40 हजार ग्रामीणों को उपचार के लिए अब घोसी सीएचसी नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन

सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि फतेहपुर मंडाव ब्लाक में भी नेमडाड में अतिरिक्त सीएचसी बनाने का कार्य प्रगति पर है। भवन बनने के बाद यहां अतिरिक्त सीएचसी का संचालन शुरू किया जाएगा।इस नए सीएचसी के बनने से मऊ-बलिया बार्डर पर बसें गांवों के ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें