मामले में आरोपी सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी की ओर से अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी गई थी। जिसे सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने खारिज कर दिया।
न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा कि आरोप पत्र न्यायालय आ चुका है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपी-एमएलए द्वारा मामले का संज्ञान लिया जा चुका है। आरोपियों के विरुद्ध समन निर्गत हो चुका है। गिरफ्तारी की कोई संभावना नहीं है। अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया गया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एमपी-एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी की कोर्ट में गुरुवार को बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। फर्जी असलहा प्रकरण और सरायलखंसी थाना क्षेत्र के विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्तार के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने दोनों मामलों मे आरोप पर बहस के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने मामले में अगली पेशी के लिए 8 जून की तिथि तय की।