जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने शुक्रवार को जमीन के बंटवारे के विवाद में पिता की हत्या कर शव को घर में छिपाने के मामले में बेटे मुराली चौहान और पोते उपेंद्र चौहान को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही दोनों पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र के मऊ कुबेर गांव का है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा होने पर उसकी आधी राशि वादी मुकदमा को दी जाएगी।
अभियोजन के अनुसार, हलधरपुर थाना क्षेत्र के मऊ कुबेर गांव निवासी राजा प्रताप चौहान पुत्र रामवृक्ष चौहान की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादी के अनुसार वह तीन भाई हैं। उनके पिता रामवृक्ष चौहान ने अपनी जमीन का बंटवारा तीनों पुत्रों में कर दिया था।
इसके बावजूद मुराली चौहान और उपेंद्र चौहान लगातार विवाद करते रहते थे।
आरोप है कि 6 दिसंबर 2020 को मुराली चौहान और उपेंद्र चौहान ने मिलकर रामवृक्ष चौहान की हत्या कर दी और शव को बोरी में भरकर घर में छिपा दिया। बाद में खोजबीन के दौरान पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव मुराली चौहान के मकान से बोरे में बरामद हुआ।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी फौजदारी ने 12 गवाहों को न्यायालय में पेश कर पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा बताया।
सभी पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला जज ने दोनों को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी ठहराया।