देश में असहिष्णुता के विरोध में वामपंथी दलों ने शनिवार को शहर में मार्च निकाला। सदर चौक पर सभा की। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरएसएस के इशारे पर देश में असहिष्णुता और नफरत का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया।
हिंदी भवन पर एकत्र हुए वामपंथियों का विरोध मार्च बल निकेतन, कोतववाली रौजा होते हुए सदर चौक पहुंचा। वहां पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार आई है, तब से भाजपा के अनुसांगिक संगठन आरएसएस के इशारे पर देश में नफरत का माहौल सृजित करने में लगे हुए हैं।
प्रगतिशील साहित्यकारों की हत्याएं हो रही हैं। एक वर्ग के लोग ऐसे माहौल में अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वक्ताओं का कहना था कि आरएसएस की सह पर मजदूरों, किसानों बुनकरों, छोटे मझोले कारोबारियों के अधिकारों पर हमला किया जा रहा है।
सभा को भाकपा माले जिला सचिव बसंत कुमार, विनोद सिंह, भाकपा मार्क्सवादी के वीरेंद्र कुमार, जिला सचिव शेर अली मुहम्मद अली, भाकपा के अनीस, एसयूसीआई त्रिभुवन नाथ शर्मा और शैलेंद्र ने संबोधित किया। भाकपा माले के ओम प्रकाश, अखिलानंद पांडेय, श्रीराम सिंह, राजेश, राजेंद्र, समसुल हक चौधरी, उदय प्रताप, चंद्रदेव, शिवमूरत, नंदू, इम्तेयाज आदि शामिल रहे।