मऊ। संयुक्त किसान मोर्चा व वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने खीरी लखीमपुर की घटना के विरोध में सोमवार को राज्यपाल को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी केहरी सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी में शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों के ऊपर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ने अपनी गाड़ी चढ़ा दी और गोलियां चलायी जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई।
ज्ञापन में हत्यारे मंत्री पुत्र और उसके गुंडे साथियों पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करने, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को मंत्री पद से बर्खास्त करने, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर पूरे मामले में साजिश करने के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने, मृतक किसानों को 50 लाख मुआवजा देने और परिवार में एक सदस्य को नौकरी देने, घायल किसानों को दस लाख रुपये मुआवजा व उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा देने तथा पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में प्रदेश से बाहर से कराने की मांग की गई है।
किसान नेताओं ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जबसे देश व प्रदेश में भाजपा सरकारें आई हैं। किसान, मजदूर, विद्यार्थी, युवा, महिला और अल्पसंख्यक समाज व दलित आदिवासी समाज के आंदोलनों का भी दमन हो रहा है। सरकार के गलत नीतियों का विरोध करने वालों को बिना किसी अपराध के जेलों में डाला जा रहा है। प्रदेश में अघोषित इमरजेंसी जैसा माहौल बनाया जा रहा है। इस मौके पर उप्र किसान सभा के राज्य सचिव सचिव राम कुमार भारती, जिलाध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद मिश्रा, मंत्री गुफरान अहमद, किसान नेता हिसामुद्दीन, सुभाष चंद्र चक्रदेवा, मास्टर रामनारायण सिंह, सत्यप्रकाश सिंह एडवोकेट आदि रहे।