घटना के समय भले ही मृतका का परिवार अपने पैतृक गांव में नहीं था, लेकिन ज्योत्सना राय की मौत की सूचना मिलने पर गांव के अलावा आसपास के लोग और रिश्तेदार उनके घर पहुंचते रहे। वहां मौजूद हर शख्स के जुबान पर था, अचानक क्या हुआ, जो इतनी होनहार बेटी ने इतना बड़ा कदम उठाया। मृतका ज्योत्सना राय के पिता अशोक राय पांच भाई में तीसरे नंबर पर हैं। इसमें ज्योत्सना के पिता के अलावा उसके चाचा सतीश अभियोजन अधिकारी हैं। जबकि बड़े पापा सुरेश भी शासकीय अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं, वहीं डॉ. रामाशीष राय लखनऊ मे डॉक्टर हैं।
सरकारी आवास में मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
मृतका ज्योत्सना पहले अयोध्या जिले में थीं, वर्तमान में वह बदायूं जिले में तैनात थीं। शनिवार सुबह सिविल जज जूनियर डिवीजन का शव उनके ही सरकारी आवास में फंदे से लटकता मिला। इसकी सूचना मिलने पर बदांयू जिला जज पंकज अग्रवाल, डीएम मनोज कुमार, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी समेत न्यायिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने आवास के कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही पुलिस टीम मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।