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12 वर्षों से अधर में लटका है खैरामुहम्मदपुर गांव का पंचायत भवन

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मझवारा। शासन की तरफ से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियांवयन सही ढंग से होता नजर नहीं आ रहा है। घोसी विकास खंड क्षेत्र के खैरामुहम्मदपुर गांव में बन रहा पंचायत भवन लगभग 12 वर्षों से अधर में लटका पड़ा है। हालत यह है कि ग्राम पंचायत निधि से ही भवन का निर्माण कराया जाना था। इससे ग्रामसभा की महत्वपूर्ण बैठकों को लेकर ग्रामीणों में हमेशा उहापोह की स्थिति बनी रहती है। लोगों में आक्रोश पनपने लगा है। सब कुछ जानते हुए अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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घोसी विकास खंड क्षेत्र के खैरामुहम्मदपुर गांव में पंचायती राज विभाग की तरफ से वर्ष 2007-08 में पंचायत भवन के निर्माण का कार्य प्रारंभ कराया गया। लेकिन वर्षो बीत जाने के बावजूद इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका है। पंचायत भवन न होने से ग्रामसभा की महत्वपूर्ण बैठकों को लेकर ग्रामीणों में हमेशा उहापोह की स्थिति बनी रहती है। बैठकें स्थान बदल-बदलकर अलग अलग विद्यालयों में करानी पड़ती है। व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने से महत्वपूर्ण बैठकों की जानकारी अधिकांश ग्रामीणों को नहीं हो पाती है।
ग्रामीणों की मानें तो बजट की उपलब्धता के बाद भी पंचायत भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका है। सन 2007-08 में इसकी नींव पड़ी तो कार्य तेजी से हुआ, लेकिन कुछ दिन कार्य होने के बाद आधी दीवार जोड़े जाने के बाद काम रोक दिया गया। इसके बाद न तो ग्राम प्रधान और न ही संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सुधि ली। वहीं सेक्रेटरी मंशा राम चौबे का कहना था कि बजट के अभाव में पंचायत भवन का निर्माण कार्य बंद है। विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इस बाबत उपजिलाधिकारी घोसी आशुतोष कुमार राय का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। पंचायत भवन मामले में बीडीओ ही बता सकते हैं।
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जनहित में पूरा कराया जाए पंचायत भवन का निर्माण कार्य
मझवारा। घोसी ब्लाक क्षेत्र के खैरामुहम्मदपुर गांव में पंचायत भवन का निर्माण कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है। इस संबंध में गांव के अमित राय का कहना था कि गांव में पंचायत भवन न होने से महत्वपूर्ण बैठकों के बारे में पता ही नहीं चल पाता है। यह सब विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते हो रहा है।
इसी क्रम में रामकृत शर्मा का कहना है कि ग्रामसभा में पंचायत भवन न होने के कारण ग्रामसभा की बैठके इधर उधर होती हैं जिससे काफी असुविधा होती है। इसी क्रम में निलेश राय का कहना है कि काफी लंबे समय से पंचायत भवन का निर्माण कार्य रुका हुआ है। परिसर में खर पतवार का जंगल तथा जोड़ी गई दीवार भी जर्जर जर्जर हो गई है। प्रशांत राय का कहना था कि रुके हुए पंचायत भवन के निर्माण कार्य को जनहित में पूरा कराया जाए। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किया जाए।
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