मधुबन के कटघराशंकर में बदहाल पड़ा प्रेक्षागृह।संवाद
मधुबन तहसील क्षेत्र के कटघरा शंंकर में प्रेक्षागृह बनने के 16 साल बाद प्रशासन की ओर से सुधि नहीं ली जा सकी है। हालत यह है कि विभागीय उपेक्षा के चलते भवन खंडहर में तब्दील हो गया है।
मधुबन तहसील क्षेत्र के कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए जनप्रतिनिधियों की पहल पर वर्ष 2009 में कटघरा शंकर में लगभग नौ लाख रुपये की लागत से प्रेक्षागृह का निर्माण किया गया था।
संंबंधित विभाग की उदासीनता के चलते भवन का हैंडओवर आज तक नहीं हो सका है। हालत यह है कि विभागीय उदासीनता से भवन की हालत दिन ब दिन दयनीय होती जा रही है। भवन खंडहर बनकर रह गया हैै।
लोक गायक चंद्र किशोर पांडेय का कहना है कि बदहाल प्रेक्षागृह के मामले में प्रशासनिक अधिकारियाें को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन मामले को ठंडे बस्ते मेें डाल दिया गया।
फिल्म डायरेक्टर राजेंद्र कुमार का कहना है कि क्षेत्र में रंगमंच कलाकारों की अच्छी संख्या है, लेकिन प्रेक्षागृह न होने से नाटक होते हुए भी उन्हें पहचान नहीं मिल पा रही है। डॉ. राशिद उस्मानी का कहना है कि रंगमंच समाज को जागरूक करने का सशक्त माध्यम है।
उपेक्षित प्रेक्षागृह के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन मामले को लटका दिया गया है। डाॅ. कैलाश मौर्य का कहना है कि बदहाल पड़े प्रेक्षागृह का अविलंब निर्माण कराया जाए।
उपजिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि कि मामला संज्ञान में नहीं है, जांच पड़ताल की जाएगी। संबंधित विभाग को पत्र भेजा जाएगा।