जिले के आईटीआई प्रशिक्षुओं को उद्यमिता का पाठ पढ़ाया जाएगा। आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना व्यवसाय स्थापित करने वाले सफल उद्यमियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी। शासन के निर्देश पर जिले के सफल उद्यमियों की सूची तैयार कर प्रदेश स्तर पर भेजी जाएगी।
जिले में दो राजकीय, एक पीपीपी मॉडल और लगभग 30 निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की तरफ से युवाओं के भीतर स्वरोजगार की भावना जगाने की कवायद तेज हो गई है।
एक तरफ आईटीआई पास करने के बाद छात्र नौकरी की तलाश में भटकते हैं, जबकि दूसरी तरफ आईटीआई से तकनीकी ज्ञान हासिल कर कई युवाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है।
इन सफल उद्यमियों की कहानियों को न केवल प्रकाशित किया जाएगा, बल्कि वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों के बीच साझा भी किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो अक्सर छात्र किताबी ज्ञान तो ले लेते हैं, लेकिन बाजार की चुनौतियों से घबराते हैं। जब छात्र अपने ही संस्थान के किसी बड़े उद्यमी की कहानी पढ़ेंगे, तो उनमें आत्मविश्वास पैदा होगा।
इससे जिले के युवाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे प्रदेश की आर्थिक उन्नति में सहभागी बनेंगे। शासन को भेजी जाने वाली इस सूची में उद्यमियों के नाम के साथ-साथ उनके व्यवसाय का टर्नओवर और उनके संघर्ष से सफलता तक के सफर का पूरा विवरण शामिल होगा।
इस बाबत आईटीआई सहादतपुरा के प्रधानाचार्य अरुण यादव का कहना है कि आईटीआई के पूर्व छात्रों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।