मऊ। बीते विधानसभा आमचुनाव चुनाव के दौरान नफरती भाषण सहित चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन के तीन मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। इस दौरान नफरती भाषण देने के मामले के विवेचक सुनील कुमार दूबे का बयान दर्ज हुआ। सीजेएम ने तीनों मामलों में 18 दिसंबर की तिथि नियत किया।
पहला मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी।
इसी मामले में उमर अंसारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, उनकी गैरहाजिरी माफी की दरख्वास्त दी गई थी। वहीं अब्बास अंसारी की जरिए वीसी पेशी हुई।
सीजेएम ने मामले में 18 दिसंबर की तिथि नियत किया। दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन निरीक्षक पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर 12 फरवरी 22 को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी। सीजेएम ने आरोपियों का बयान के लिए 18 दिसंबर की तिथि नियत किया। तीसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले मेंं अभियोजन के अनुसार एसआई राजेश कुमार वर्मा की तहरीर पर अपराध एफआईआर दर्ज हुई थी।
इस मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपियों पर उत्पीड़ात्मक कार्यवाही पर रोक लगाया है। सीजेएम ने मामले में 18 दिसंबर की तिथि नियत किया।