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Mau News: शंभूपुर हत्याकांड के विवेचना अधिकारी हटाए गए, मुकदमे में वादी भी थे

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गांव शंभूपुर हत्याकांड के विवेचना अधिकारी अहरौला थानाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा को हटा दिया गया है।
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अब उनकी जगह डायल 112 के जिला प्रभारी रफी अहमद को विवेचना अधिकारी नियुक्त किया गया है। दरअसल घटना में वादी व विवेचना अधिकारी खुद थानाध्यक्ष अहरौला थे। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका में सवाल उठ रहे थे।
पिछले दिनों घर पर पूजा-पाठ के दौरान गृह स्वामी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी बबीता सिंह, दो पंडितों और बेटे शाैर्य की हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस कार्रवाई में वह भी मारा गया था। घटना में कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।
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मृत पंडित अखिलेश मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्रा घटना के चश्मदीद गवाह हैं। उन्होंने अरविंद सिंह के खिलाफ पिता अखिलेश मिश्रा, पंडित महेंद्र पाठक और बबीता सिंह की हत्या के मामले में तहरीर दी थी। लेकिन अहरौला थानाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा ने अरविंद की मौत के छह घंटे बाद 23 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। इस प्राथमिकी में संयुक्त रूप से हिमांशु मिश्रा और थानाध्यक्ष अहरौला रामकिशोर शर्मा का नाम बताैर वादी शामिल था।
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इसी बात पर सवाल उठ रहे थे कि थानाध्यक्ष खुद वादी और विवेचना अधिकारी होने के नाते घटना को अपने हिसाब से मोड़ने की कोशिश कर सकते हैं। आरोप है कि थानाध्यक्ष को घटना वाले घर का ताला खोलकर, जिसमें विवेचना करनी थी, वह खुद विवेचना अधिकारी के तौर पर अपनी कमियों को दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे थे। इसी के चलते उनको विवेचना से हटा दिया गया है। रविवार को नए विवेचना अधिकारी रफी अहमद गांव पहुंचे और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए।
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