मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा शुरू होने में छह दिन शेष हैं, लेकिन परीक्षा को नकलविहीन कराने की तैयारी तेजी से चल रही है। इस बार की प्रायोगिक परीक्षा के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। परीक्षाएं वायस रिकार्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होंगी।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 24 फरवरी शुरू होने के पूर्व प्रयोगात्मक परीक्षाएं 23 जनवरी से 31 जनवरी के बीच आयोजित होगी। इस वर्ष हाईस्कूल में 39213, इंटरमीडिएट में 39773 सहित 78986 परीक्षार्थी शामिल होंगे।
बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए जिले में 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल प्रयोगात्मक परीक्षा का विद्यालय स्तर से आंतरिक मूल्यांकन होगा। इंटरमीडिएट बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं वायस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी। परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए इस बार
जिले को 20 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। परीक्षा बोर्ड से नियुक्त परीक्षक लेंगे। नियुक्त परीक्षक जिस विद्यालय पर परीक्षा लेने आएंगे। वहां के केंद्र व्यवस्थापक को दो दिन पहले उन्हें पहुंचने की सूचना देनी होगी।
प्रयोगात्मक परीक्षाओं की कॉपियों परीक्षा के तुरंत बाद मौके पर ही जांची जाएंगी।
परीक्षक परीक्षार्थी को अंक परीक्षा केंद्र के 200 मीटर दायरे में ही रहकर दे सकेंगे। यह एप माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होगा।
परीक्षक प्रयोगात्मक परीक्षा में दिए गए अंक के साथ ही प्रयोगात्मक परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ ली गई सेल्फी भी अपलोड करेंगे। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि यूपी बोर्ड इंंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षा को हर हाल में नकलविहीन कराया जाएगा। शीघ्र ही सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगा दी जाएगी।