हलधरपुर थाना क्षेत्र के नगवा गांव में एक ढाई साल की मासूम नीतू पुत्री राम प्रवेश की हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके पेट, हाथ एवं चेहरे पर चोट के निशान उसकी हत्या की तरफ ही इशारा कर रहे थे। पुलिस इस घटना में किसी नजदीकी के होने की आशंका जताकर पड़ताल कर रही है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना ने नगवां गांव जाकर मृत बालिका के परिजनों से पूछताछ की।
बता दें कि हलधरपुर थाना क्षेत्र के नगवा गांव निवासी राम प्रवेश की ढाई साल की मासूम पुत्री नीतू 20 जून की रात अपने दादी शीला देवी के साथ एक कमरे में सोई थी। नीतू की मां अपने एक दुधमुंही बच्ची के साथ घर दूसरे कमरे में सोई थी। दादी शीला देवी का कहना है कि देर रात को कोई उसे उठाने के लिए आया तो वह यह समझ के सोई ही रही कि उसकी मां उसे ले जा रही है। सुबह जब वह घर में नहीं मिली तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। भोर में ही नीतू घर से 300 मीटर की दूरी पर एक लकड़ी के बने मचान पर बेहोशी की हालत में मिली तो गांव में खलबली मच गई। आनन-फानन नीतू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, वहां से जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीतू की मौत उसके पेट में चोट लगने के साथ ही हाथ एवं चेहरे पर चोट लगने के चलते हुई साबित हुई। मामले में पुलिस ने बालिका के दादा केशो राजभर की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार को इस मामले में जांच के लिए खुद पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना नगवां गांव पहुंचे। परिवार के सदस्यों के साथ ही आस-पास के लोगों सहित जहां पर बालिका बेहोश मिली थी वहां के लोगों से पूछताछ की। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मासूम की हत्या किसी नजदीकी व्यक्ति ने ही की है। इसकी पड़ताल चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।