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घाघरा में बढ़े जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ी

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दोहरीघाट। लगातार दो दिनों तक स्थिर रहने के बाद घाघरा में एकाएक 10सेमी उफान आने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीर दिखायी दे रही है। नदी के उग्र होने के आसार से लोगों की नींद उड़ गई है। नगर के तीन मुहल्लों में नदी का पानी कभी भी घुस सकता है। वहीं तटवर्ती इलाके के मैदानों में पानी घुसने की आशंका से इलाके के लोग दहशत में जी रहे हैं। घाघरा की प्रलयंकारी लहरे मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर तथा जानकी घाट पर टक्कर मार रही हैं। जिससे मंदिर तथा घाट पर नदी का दबाव बढ़ने से ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरा में पड़ गया है।
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लगातार दो दिनों से स्थिर रह रही घाघरा में एकाएक उफान आने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। जलस्तर पर नजर डाला जाए तो मंगलवार को नदी का जलस्तर 70 मीटर रहा। सोमवार को जलस्तर 69.90 मीटर रहा। इस तरह 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी खतरा बिंदु से 10 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा की प्रलयंकारी लहरे मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर तथा जानकी घाट पर टक्कर मार रही है, जिससे मंदिर तथा घाट पर नदी का दबाव बढ़ने लगा है। इससे कस्बा का मुक्तिधाम, भारत-माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी-बाबा की कुटी, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मंदिर, तथा लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।
कस्बा के तीन मुहल्लों में घुस सकता है पानी:
दोहरीघाट। नदी खतरा बिंदु से 10 सेमी ऊपर बह रही है। नदी के बढ़ते जलस्तर से नगर के तीन मुहल्ले भगवानपुरा, मल्लाह टोला, तथा दलित बस्ती में नदी का पानी कभी भी घुस सकता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से मुक्तिधाम पर स्थित सीढ़ियां डूब गई हैं।
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तटवर्ती इलाकों में फसल डृबने का बढ़ा खतरा:
दोहरीघाट। घाघरा के जलस्तर में अचानक उफान आने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। किसानों को फसल डूबने की चिंता सताने लगी है। क्षेत्र के धनौली रामपुर, नईबाजार नौवली, चिऊटीडाड़, बहादुरपुर, सरयां, पतनई, गोधनी, ठाकुर गांव बीबीपुर, जमीरा चैराडीह, करौली, बेलौली, पाउस ठिकरहिया, बड़कीबारी महुआ- बारी, रसुलपुर, सूरजपुर सहित तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आने की आशंका से लोग भयभीत है। पशुओं की चारा की समस्या बढ़ सकती है।
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