बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में छठवें दिन तेजी आई। चार दिन के अवरोध के बाद पांचवें दिन से मूल्यांकन कार्य शुरू हो सका। शनिवार को परीक्षकों की संख्या में इजाफा होने के चलते कार्य सुगमता से हुआ।
मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। इस वजह से विरोधी गुट से खलल भी नहीं पड़ा। देर से मूल्यांकन शुरू होने के चलते बोर्ड के निर्धारित शेड्यूल तक मूल्यांकन पूरा होने पर संशय बरकरार है।
बोर्ड परीक्षा के उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। नगर में दो तथा मधुबन, मुहम्मदाबादगोहना में एक-एक केंद्र बनाया गया।
बोर्ड की ओर से कापी जांचने के लिए 30 मार्च से 15 अप्रैल तक शेड्यूल जारी किया गया था। इसके लिए 2167 परीक्षकों तथा 228 डिप्टी हेड की तैनाती की गई।
लेकिन माध्यमिक शिक्षकों के विरोध की वजह से चार दिन तक मूल्यांकन का कार्य ठप रहा। पांचवें दिन से कुछ शिक्षक मूल्यांकन में लगे। अब तक माध्यमिक शिक्षक संघ के एक गुट की हड़ताल खत्म हुई है।
वित्तविहीन शिक्षक संगठन तथा अन्य शिक्षक गुट की हड़ताल जारी रहने के बाद भी शनिवार को परीक्षकों की संख्या में इजाफा देखने को मिला। नोमानी इंटर कालेज में शुक्रवार को 116 परीक्षक आए, लेकिन शनिवार को 150 परीक्षकों के आने से 46 टोलियां बनाई गईं। नोमानी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उस्मान अली ने बताया कि लगभग दो लाख उत्तरपुस्तिकाओं के सापेक्ष छह हजार कापी जांच गई है। बताया कि मूल्यांकन शुरू हुए दूसरा दिन है। ऐसे में परीक्षकों को ज्यादा कापी देने पर त्रुटियां होने की आशंका है। इसलिए जांच परखकर कापियां जांचने को दी जाएंगी। इसी तरह टाउन इंटर कालेज मुहम्मदाबादगोहना के प्रधानाचार्य सक्रजीत सिंह का कहना था कि 540 के सापेक्ष 338 परीक्षक आए। बताया कि देर से मूल्यांकन कार्य शुरू होने के चलते निर्धारित शेड्यूल एक हफ्ता बढ़ सकता है। इसी तरह डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी ने बताया कि अब तक 10 हजार उत्तरपुस्तिकाएं जांची जा चुकी हैं। निर्धारित शेड्यूल के अंदर प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास जारी है।