सपा नेता के घर आयकर का छापा
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कार्रवाई के दौरान आवास के गेट पर आकर राजीव राय ने बताया कि सुबह अचानक कुछ लोग खुद को इनकम टैक्स विभाग का बताते हुए उनके घर में घुस गए। बताया कि दो कमरों का मकान है लेकिन कार्रवाई में काफी समय लगाया जा रहा है। आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते छापा मारा गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाने के अपील की।
कहा कि आयकर विभाग को अपना काम करने दें। समाजवादी ऐसे छापों से डरने वाले नहीं है। हालांकि इसके बाद राजीव राय को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। इस दौरान शहर के चार थानों की फोर्स और पीएसी साथ सीओ सिटी धनंजय मिश्रा मौजूद रहे।
बता दें कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी पार्टी के नेताओं तथा कारोबारियों के आवास तथा प्रतिष्ठानों पर शनिवार को आयकर विभाग ने कार्रवाई की है। आगरा, मैनपुरी, लखनऊ तथा मऊ में इन नेताओं तथा कारोबारियों के ठिकानों पर कई टीमें शनिवार तड़के से जांच कर रही हैं।
सपा नेता के घर के बाहर मौजूद लोग
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राजीव राय ने मीडिया से कहा कि यूपी में उनका कोई कारोबार नहीं है। वह किसी प्रकार का कोई ठेका-पट्टा नहीं कराते हैं। वह छापे से डरने वाले नहीं हैं, बल्कि दो गुनी रफ्तार से मऊ के लोगों की मदद में जुट जाएंगे। कहा कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मुकदमा नहीं है।
उन्होंने गेट के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित करने का मुकदमा दर्ज कर बदनाम करने का अवसर मिल सके। राजीव राय के आवास पर आयकर विभाग के छापे के दौरान चिकित्सकों की एक टीम पहुंची। टीम ने राजीव राय की फिजियोथेरेपी की।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सचिव राजीव राय के आवास पर शनिवार सुबह छह बजे ही आयकर विभाग के अधिकारी गेट खुलवा कर अंदर चले गए और बाहर का गेट बंद करा दिया। बाद में जब कर्मचारी गाड़ी से लैपटॉप वगैरह लेकर आने लगे तो कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया और कहा कि इसकी जांच कराकर अंदर ले जाइए।
इसको लेकर कार्यकर्ताओं की टीम से नोकझोंक भी हुई। तब स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई और थोड़ी ही देर में शहर कोतवाल क्षेत्राधिकारी नगर सहित दो ट्रक पीएससी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद घर के अंदर से लेकर बाहर तक घेर लिया गया।
सपा नेता राजीव राय मूलत: बलिया जिले के रहने वाले हैं। उनका बंगलूरू में पैरामेडिकल कॉलेज और संस्थान हैं। दुबई में भी उनके कुछ कारोबारी प्रतिष्ठान हैं। 2019 में मऊ के घोसी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे। इस बार घोसी से ही विधानसभा का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।