मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के मानिकपुुर हड़हुुआ गांव मेें ब्याही गई महिला को उसके ससुराल वालों नेेेेे दो सप्ताह पूूूर्व मारपीट कर घर से निकाल दिया। गर्भवती महिला को न्याय दिलाने की बजाय पुलिस उल्टेेेेेेेे उस पर सुुुलह करने का दबाव बना रही है। पीड़िता की मानें तो पुलिस उसके अधिवक्ता भाई को मुुकदमे मे फंसाने की धमकी दे रही। घोसी कोतवाली के भेलउर चंगेरी गांव निवासी सोनी देवी की शादी मानिकपुुर हड़हुआ गांव निवासी अभिमन्यु यादव केेे साथ चार वर्ष पूर्व हुई थी। पीड़िता सोनी का आरोप है कि उसका पति और उसकी जेेठानी उसेेे मारने पीटने के साथ प्रताड़ित करते हैं। फरवरी 2020 में उसका पति उसे धोखे सेेे कोई दवा खिलाकर पेेट में पल रहे गर्भ को मारने का प्रयास किया था। इस दौरान सोनी को एक नर्सिंग होम में भर्ती कराना पड़ा।
इस मामलेेे मेें पीड़िता की तहरीर पर पुुलिस नेेे पति सहित ससुरालीजनों पर मुुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई। पंचायत केेे बाद ससुुराल वाले सोनी को घर ले गए, लेकिन उसे गांव के बाहर मौजूद अपने नलकूूप पर रख दिए। बाद में 11 जून की रात युवक को उसका पति पीटकर घर सेेेे निकाल दिया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस कार्रवाई करने की बजाय उस पर सुलह करने का दबाव बना रही है।