मऊ। जिले के अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर यूरिया समाप्त हो गई है। रतनपुरा, कोपागंज, घोसी और रानीपुर तथा दोहरीघाट ब्लाकों के अधिकांश साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने से किसानों को भटकना पड़ रहा है। गेहूं की फसल में छिड़काव करने के लिए किसानों को इफको कंपनी की यूरिया का इंतजार था। लेकिन अब इफको यूरिया की रैक लगने वाली है। रविवार को रेलवे स्टेशन पर इफको यरिया की रैक लगने वाली है। इस रैक से 2600 मीट्रिक टन यूरिया आएगी।
रैक से उतारकर यूरिया सीधे साधन सहकारी समितियों पर भेजी जाएगी। यूरिया का स्टाक बफर गोदाम में भी समाप्त हो गया था। गेहूं की फसल की सिंचाई के बाद किसान नमी रहते ही खेतों में यूरिया का छिडकाव करते हैं। इधर गेहूं के खेतों की सिंचाई किसानों ने किया है। कुछ इलाकों में हुई हल्की बरसात से भी खेतों में नमी आ गई है। हल्की बारिश से सरसों और मटर के खेतों में भी हल्की सिंचाई की जरूरत पूरी हो गई है। इसलिए किसान यूरिया के लिए परेशान थे।
रतनपुरा ब्लाक के सभी साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद नहीं थी। इसी प्रकार कोपागंज ब्लाक के साधन सहकारी समिति ,लैरो हसनपुर, इंदारा, भेलाबांध, पहसा और रानीपुर ब्लाक के कई साधन सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं थी। इस बाबत किसान नेता देव प्रकाश राय का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को समय से डिमांड भेजकर पर्याप्त मात्रा में यूरिया मंगवा लेना चाहिए। भाजपा से जुड़े किसान नेता राकेश सिंह कहते हैं कि समितियों पर पहले से यूरिया न रहने से गेहूं के खेतों में किसान छिड़काव नहीं पाए।
सहकारिता विभाग के उप निबंधक विवेक कौशल ने बताया कि विभाग की तरफ से इफ्को कंपनी को डिमांड भेजी गई है। बफर गोदाम से यूरिया का स्टाक कल ही समाप्त हुआ है। रविवार तक यूरिया की रैक स्टेशन पर लग जाएगी।स्टेशन से सीधे यूरिया सभी साधन सहकारी समितियों पर सीधे भेजी जाएगी।