मऊ। नगर के डीसीएसके खंडेलवाल पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में नशा मुक्ति-विकसित भारत विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में नशे की लत के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवा वर्ग को नशा मुक्त समाज निर्माण की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि देवेंद्र पांडेय कार्यक्रम समन्वयक, महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ ने कहा कि भारत के भविष्य की दिशा तय करने में युवा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आ गए तो राष्ट्र की प्रगति प्रभावित होगी। परंतु यदि वे शिक्षा, सेवा और सकारात्मक ऊर्जा को अपनाएंगे तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
विशिष्ट अतिथि आशुतोष पांडेय ने कहा कि नशे की लत सिर्फ व्यक्ति के जीवन को ही नहीं बिगाड़ती, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। नशा एक धीमा जहर है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन को भी बिगाड़ देता है। विद्यार्थी यदि इस समस्या को गंभीरता से लें और अपने साथियों को भी सचेत करें तो समाज में नशा मुक्ति की एक मजबूत लहर पैदा हो सकती है।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं बल्कि चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की छात्रा निद्रा को विश्वविद्यालय की एनएसएस सलाहकार समिति की स्वयंसेविका प्रतिनिधि बनाए जाने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कहा गया कि निद्रा का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है बल्कि पूरे महाविद्यालय के लिए गर्व की बात है।