मऊ। डिजिटल समय में अब भी मऊ डिपो में तैनात 6 बाबुओं को कंप्यूटर चलाना नहीं आता है। आरएम आजमगढ़ ने ऐसे कर्मचारियों को चेतावनी दी है। 30 मई तक कंप्यूटर चलाना नहीं सीखे तो उनके मूल पद पर वापस भेजते हुए परिचालक के पद पर तैनात किया जाएगा।
एआरएम ने सभी कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली है। वर्तमान में केवल दो लिपिक ऐसे हैं जो मऊ डिपो में कंप्यूटर पर कार्य करते हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में सभी कार्य कंप्यूटर से हो रहे हैं। जिस कारण लिपिकीय संवर्ग के कार्मिकों को कंप्यूटर पर एमएस ऑफिस कार्य और हिंदी टइपिंग अनिवार्य कर दी गई है।
लिपिकों को कंप्यूटर पर कार्य करने को कहने पर चलाना नहीं आने की बात कहकर टाल देते हैं। जिसके चलते कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि डिपो में तैनात लिपिक जिन्हें सेवानिवृत्त होने में पांच साल से कम समय बचा है उनके अलावा सभी को 30 मई तक कंप्यूटर पर काम करना सीखना है। जून में आजमगढ़ आरएम कार्यालय में लिपिकों का टेस्ट लिया जाएगा। जिन्हें कंप्यूटर पर एमएस ऑफिस कार्य और हिंदी टाइपिंग का ज्ञान नहीं होगा, उसे उनके मूल पद पर वापस कर दिया जाएगा।
45 दिन में तैयार हुआ था निशुल्क किराए का विवरण
पुलिस मुख्यालय ने पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा किए गए निशुल्क यात्रा का 67.08 लाख रुपये का भुगतान करने से मना कर दिया था। मऊ डिपो की बसों से यात्रा किए 37 हजार अभ्यर्थियों के दस्तावेज वापस भेजकर उसे एक्सएल फाइल में मांगा था। दो लिपिकों को एक्सएल फाइल बनाने में लगभग 45 दिन का समय लग गया था। यदि सभी लिपिक कंप्यूटर चलाना जानते तो महज 8 या 10 दिन में काम समाप्त हो सकता था।