पुलिस लाइन में परिवार परामर्श की बैठक करते सदस्य:सोर्स पुलिस मीडिया सेल
‘मैं पेशे से ऑटो चालक हूं। आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है, बावजूद इसके मेरी पत्नी मायके पक्ष के बहकावे में आकर आए दिन मुंबई जाने का कार्यक्रम बना लेती है। इस वजह से मैं कर्जदार बन चुका हूं।’
यह गुहार रविवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में एक युवक ने लगाई। मामले की सुनवाई के दौरान सदस्यों ने युवक की पत्नी से बातचीत की, लेकिन उसने किसी भी कीमत पर मुंबई छोड़ने से इनकार कर दिया।
कई बार समझौते की कोशिश के बावजूद सहमति नहीं बनने पर सदस्यों ने पति-पत्नी को न्यायालय जाने की सलाह दी। बैठक में एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से उसके पति का दूसरी महिला से अवैध संबंध है।
कई बार समझाने के बावजूद पति संबंध खत्म करने को तैयार नहीं है। महिला ने कहा कि वह अब पति से अलग रहना चाहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चली बैठक में कुल 38 मामले प्रस्तुत हुए।
इनमें छह दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई, जबकि 20 मामलों में अगली तारीख दी गई। मामलों के निस्तारण में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दूबे, शाहिद पैरिस और मौलवी अरशद शामिल रहे।