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Mau News: विवाहिता की हत्या कर सर्पदंश से माैत बताने वाले पति, सास ससुर को उम्रकैद

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मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बालमुकुंद ने दहेज के लिए मंशा देवी की हत्या मामले में पति मनोज राजभर, ससुर रामवृक्ष राजभर और सास इशरावती देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों ने महिला की बांस से पीट-पीट कर हत्या कर दी। लोगों को उसकी मौत का कारण सर्पदंश बताया। जज ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर 30 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की आधी राशि महिला के भाई तीरथ राजभर को देने का आदेश सुनाया। इससे तीरथ बहन के दोनों बच्चों का पालन पोषण करेगा।
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जिला जज ने अपने आदेश में लिखा कि मंशा देवी की बांस से पिटाई की गई थी। सिर पर शरीर के अन्य भागों पर गंभीर चोट से मौत हुई। घटना के समय मंशा ससुराल में पति, ससुर और सास के संरक्षण में थी, तीनों ने हत्या झूठी अफवाह फैलाई की मंशा देवी की मृत्यु सांप काटने से हुई है। बिना मंशा देवी के मायके वालों को सूचना दिए हुए दाह संस्कार की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों का यह अपराध गंभीर प्रकृति का है मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है।

कोतवाली के रसूलपुर गांव निवासी तीरथ राजभर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। तहरीर में तीरथ ने बताया कि बहन मंशा देवी की शादी 14 वर्ष पहले रानीपुर थाना क्षेत्र के काझा घोड़ाडीह निवासी मनोज राजभर से हुई थी। दहेज के लिए बहन मंशा देवी को पति मनोज राजभर, ससुर रामवृक्ष और सास इशरावती देवी ताना मारते थे। इतना ही नहीं मारते पीटते थे। दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर 8 सितंबर 2022 की रात्रि में तीनों ने मंशा देवी की पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर चार्जशीट जमा की।
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नौ लोगों की हुई थी गवाही
कोर्ट में पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी ने नौ गवाहों को पेश कराया। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पति मनोज राजभर, ससुर रामवृक्ष राजभर और सास इशरावती देवी को हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद तीनों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 20-20 हजार का जुर्माना लगाया। जज बालमुकुंद ने साक्ष्य मिटाने के मामले में सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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