भीषण सूखे की वजह से बर्बाद हुईं धान की फसलों के आकलन के लिए बुधवार को केंद्रीय राहत आयुक्त द्वारा गठित केंद्र और प्रदेश के अधिकारियों की टीम जिले में पहुंची। बुधवार को टीम ने दो गांवों की फसलों को आकलन करने के साथ जिलाधिकारी की रिपोर्ट का अध्ययन किया।
जिला प्रशासन द्वारा क्षति के सापेक्ष भेजी गयी सहायता राशि की मांग के क्रम में केंद्रीय दल ने बड़ागांव और धर्मसीपुर में बर्बाद हुई फसलों का आकलन किया।
टीम ने ग्रामीणों से सूखे से हुई बर्बादी और कृषि संबंधी अन्य समस्याओं की जानकारी ली। टीम ने डीएम के कैंप कार्यालय पर बुधवार की सुबह बैठक कर सूखे के बाबत जानकारी ली।
इस दौरान जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक, सहायक निदेशक मत्स्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जल निगम के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
उन्होंने सभी विभागों से दो दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की। केंद्रीय टीम में आरपी सिंह (उप निदेशक ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार), डॉ. वी. गनेश राम (अनुसंधान अधिकारी, भारत सरकार) व राजेंद्र सिंह सहायक निदेशक मत्स्य, उप्र सरकार) सम्मिलित थे।
इस दौरान टीम ने ग्रामीणों से भी बातचीत कर की और धान की खराब फसलों का निरीक्षण भी किया। एडीएम समीर वर्मा, जिला कृषि अधिकारी विकेश सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य सहित तमाम अधिकारी साथ रहे।