नगर के परदहां स्थित यूपी स्टेट स्पीनिंग मिल का मुख्य गेट।
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14 वर्ष से बंद चल रही नगर के परदहां स्थित यूपी स्टेट स्पीनिंग मिल के चालू होने की आस जगी है। जिले के प्रभारी मंत्री तथा स्टांप तथा न्यायालय शुल्क पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने मिल को चालू कराने के लिए औद्योगिक विकास मंत्री को संस्तुति पत्र लिखा है। मिल के शुरू हो जाने से जहां बेरोजगारों को काम मिलने लगेगा वहीं जिले में मंद पड़ गई विकास गति भी तेज हो सकेगी। साथ ही बुनकरों को सस्ते दर पर धागा भी उपलब्ध हो सकेगा।
परदहां स्थित यूपी स्टेट स्पीनिंग मिल की स्थापना वर्ष 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कराई थी। उस जमाने में इस मिल की लागत छह करोड़ तक आई थी। मिल में स्थाई और अस्थाई पांच हजार मजदूर कार्य करते थे। मिल प्रारंभ में दोगुने फायदे पर थी लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था की गड़बड़ी से घाटा उठाना पड़ा। अंतत: मिल 30 अक्तूबर 2005 को बंद हो गई। इसे चालू कराने के लिए श्रमिकों का आंदोलन भ्ाी काम नहीं आया।। मिल को चालू कराने के मामले में कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के शहरोज गांव निवासी तथा भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राघवेंद्र राय शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने मिल के सहायक कंपनी सचिव वीके मिश्र से रिपोर्ट मांगी।
कंपनी सचिव ने अपनी आख्या में बताया कि अप्रैल 2017 में कंपनी की अन्य मिलों के साथ मऊ की मिल का डीएम के जरिए सर्वे करा शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। प्रस्ताव लंबित नहीं है। इसके बाद भाजपा जिला कोषाध्यक्ष ने जिले के प्रभारी मंत्री को विस्तृत विवरण के साथ अवगत कराया। प्रभारी मंत्री ने बंद पड़ी मिल को चालू कराने के लिए उप्र औद्योगिक विकास मंत्री को संस्तुति पत्र भेजा है।