दुबारी (मऊ)। मधुबन तहसील क्षेत्र के उत्तरी दिशा में स्थित सरयू नदी के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी कटान जारी रहने से लोगों को भूमिहीन तथा बेघर होने की चिंता सताने लगी है। नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी देवारा क्षेत्र के दो दर्जन गांव टापू की शक्ल में बने हुए हैं।
नदी के जलस्तर में घटाव होने के बाद भी तटवर्ती क्षेत्रों में समस्या जस की तस बनी हुई है। देवारा क्षेत्र के तीन किलोमीटर क्षेत्र में कटान जारी रहने से लोगों को भूमिहीन तथा बेघर होने की चिंता खाए जा रही है। बिंटोलिया गांव में प्रतिदिन उपजाऊ तथा आवासीय भूमि विलीन होती जा रही है। फसल पानी में डूब जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो हाहा नाला परसिया जयराम गिरी पर नदी जलस्तर 65.80 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 66.31 मीटर है। टापू में तब्दील होने वाले नई बस्ती, बिंटोलिया, जरलहवा, हाता, टाड़ी, खैरा, नंद का पुरा, बिशुन का पुरा, भगत का पुरा, मनमन का पुरा, बइरकंटा, चक्कीमुसाडोही, बैरियाडीह, पब्बर का पुरा हरिलाल का पुरा में अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।