नवंबर के पांचवे दिन से ही बहुद्देशीय समितियों और बीज गोदामों पर गेहूं का बीज समाप्त हो चुका है। जबकि अब तक 30 फीसदी किसान बीज नहीं ले पाए हैं। इस साल पूरे रबी सीजन में 8081 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित करने का लक्ष्य था। लेकिन 10 दिन में ही पूरा बीज वितरित कर दिया गया है। बीते आठ दिन से सैकड़ों किसान सरकारी गोदामों का चक्कर लगा रहे हैं। बीज नहीं मिलने से गेहूं की बोआई पिछड़ रही है।
वहीं कुछ किसान मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से बीज खरीदने को मजबूर हैं। सब्सिडी वाला बीज लेने के लिए जनपद के 55,047 किसान योग्य हैं जिनका रजिस्ट्रेशन के बाद आधार सत्यापन हो चुका है। सब्सिडी वाला गेहूं का बीज 950 रुपये में एक बोरी मिल रहा है। जिसके चलते किसान अधिक बीज खरीद रहे हैं, ये हम नहीं कृषि विभाग के उच्चाधिकारी का कहना है। आश्चर्य की बात ये है कि रकबा के आधार पर ही किसानों को बीज वितरित करने का नियम है। बावजूद कम समय में बीज समाप्त हो गया है।
जनपद में 89 हजार हेक्टेयर गेहूं का रकबा है। एक हेक्टेयर में 100 किलो बीज की बोआई होती है। बीते दिनों आधार सत्यापन नहीं होने से किसानों के सामने संकट था। अब जब जिन्होंने सत्यापन करा लिया तो बीज ही नहीं है।
गेहूं के अच्छे उत्पादन के लिए नवंबर में बोआई आवश्यक है। लेकिन इस समय सरकारी समितियों पर गेहूं नहीं मिल रहा है। - दामोदर यादव
समितियों और गोदामों पर आठ दिन से बीज नहीं मिल रहा है। निजी दुकानों से 1800 रुपये देकर 40 किलो की बोरी खरीदी है। - सूर्यभान पांडेय
सात दिन से बीज गोदाम और किसान सेवा केंद्र पर गेहूं का बीज नहीं है। समय से बीज नहीं मिला तो पैदावार पर असर पड़ेगा। - राजेंद्र यादव
सब्सिडी वाला गेहूं का बीज कब आया, कब वितरीत हुआ, इसका पता नहीं चला। जब तक बीज लेने जाते स्टॉक समाप्त हो गया। - विद्यासागर शर्मा
सब्सिडी वाला बीज 950 रुपये प्रति बोरी मिल रही है। जिसके चलते इस वर्ष किसान बीज अधिक खरीद रहे हैं। लक्ष्य के सापेक्ष बीज वितरित कर दिया गया था। अतिरिक्त 2000 क्विंटल बीज की मांग की गई है।- सोमप्रकाश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी, मऊ