मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं में परीक्षार्थियों ने अजीबो-गरीब दास्तान लिखी है। किसी ने घर की परेशानियों का हवाला देते हुए पास करने की गुहार लगाई है। कई परीक्षार्थियों ने परीक्षकों के लिए भावुकता के साथ संदेश लिखे हैं। किसी ने फेल होने पर मां को सदमा लग जाने की बात कही है। हालांकि परीक्षकों का कहना था कि परीक्षार्थियों के संदेश लिखने का असर नहीं होता है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिले के चार मूल्यांकन केंद्रों पर तेजी से चल रहा है। हाईस्कूल की अंग्रेजी विषय में एक परीक्षार्थी ने एक पेज पर केवल ह्वाई ह्वाट लिखकर पेज भर दिया। प्रत्येक प्रश्न को ही लिखकर पेज भर दिया। अंत में उसने अपील की कि सर बीमार पड़ जाने के चलते विषय की तैयारी नहीं कर पाया। मास्टर साहब प्लीज पास कर दीजिएगा। नहीं तो हमारी बदनामी हो जाएगी। इंटरमीडिएट के एक परीक्षार्थी ने उत्तरपुस्तिका मेें लिखा कि गरीब परिवार से हूं। घर की स्थिति दयनीय होने के कारण काम करना पड़ गया। इसके चलते पढ़ाई ठीक से नहीं कर पाया। मां हार्ट की पेसेंट है। यदि फेल हुआ तो मां को सदमा लग जाएगा। गुरुजी पास कर दीजिएगा। हाईस्कूल के एक परीक्षार्थी ने लिखा है कि मेरी मां का देहांत हो गया था। इस वजह से पढ़ाई नहीं कर सका। सर अपना लड़का समझकर मुझे पास कर दीजिएगा। उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते समय परीक्षार्थियों का तरह-तरह का संदेश पढ़कर परीक्षक हैरान हैं। परीक्षकों का कहना है कि परीक्षार्थी ऐसी बातें सुंदर राइटिंग में बोल्ड कर लिखते हैं। लेकिन परीक्षकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है। जिस हिसाब से प्रश्न का उत्तर लिखा होता है, उसी हिसाब से अंक दिए जाते हैं।